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इस फर्जी बीईओ पर कलेक्टर शिवपुरी की सील नहीं थी वरना.!

/त्वरित टिप्पणी/ /ललित मुदगल/ शिवपुरी- हिन्दू धर्म में शिक्षक को भगवान से ऊंचा दर्जा दिया है। शिक्षक ही इस देश के भविष्य का निर्माता है। इतिहास में भी ऐसे कई शिक्षकों के उदाहरण देखने को मिले हैं। कहा यह भी जाता है कि शिक्षक का चरित्र संस्कारवान होना चाहिए। शिक्षक की परिभाषा कुछ कलमवीरों ने ऐसे दी है। शि- अर्थात शीलवान क्ष- अर्थात क्षमावान,क-अर्थात अपना पूरा जीवन कर्तव्य की बलिवेदी पर चढ़ा देना। परन्तु हमें ऐसे शिक्षक का फलस्पा लिखना पड़ रहा है। जो इस शिक्षक की पूरी परिभाषा को बदल कर रख दिया है।