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Showing posts from March 4, 2015

जिपं चुनाव: सिंह-सिंधिया एक साथ, भाजपा में गुटबाजी

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शिवपुरी। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 12 मार्च को होने जा रहा है। यह मुकाबला काफी दिलचस्प रहने के आसार इसलिए हैं, क्योंकि कांग्रेस और भाजपा दोनों दल संख्या बल की दृष्टि से लगभग बराबर हैं, लेकिन दोनों दलों की परेशानी का कारण गुटबाजी है।
ऐसी स्थिति में कांगे्रस के दोनों गुटों सिंधिया और दिग्गी खेमे के बीच बन रही एकजुटता भाजपा के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है जबकि भाजपा में यशोधरा राजे और नरेन्द्र सिंह खेमे के बीच अंतर्विरोध काफी गहरे हैं जिससे प्रत्याशी चयन में आम सहमति नहीं बन पा रही है।
जिला पंचायत चुनाव में सन् 2005 के चुनाव को यदि छोड़ दिया जाए तो विधायक केपी सिंह किंगमेकर की भूमिका निभाते रहे हैं। 2005 के अध्यक्षीय चुनाव में अवश्य सिंधिया खेमे के वीरेन्द्र रघुवंशी ने मनी पॉवर के बलबूते उन्हें मात देने में सफलता प्राप्त की थी और जूली आदिवासी को वह अध्यक्ष बनवा ले गए थे जबकि केपी सिंह खेमे के जगना आदिवासी को पराजय का सामना करना पड़ा था।
लेकिन 2005 में जूली आदिवासी को अध्यक्ष बनवाने वाले पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी 2010 के चुनाव में अपनी पत्नी विभा रघुवंशी को जिता नही…

प्रशासन का नही, नकल माफिया का है कब्जा इस परीक्षा केन्द्र पर

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शिवपुरी। जिले का बैराड के अशा.लखेश्वर उ.मा.वि.बैराड बैराड़ स्कुल के परिक्षा केन्द्र शासकीय कन्या मावि बैराड़ में सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर पर प्रशासन का नही नकल माफियाओ का कब्जा है। और इसके लिए शिक्षा विभाग और नकल माफियाओ के बीच शर्तो सहित अनैतिक गठबंधन हुआ है।
ज्ञात हो बैराड़ नगर में पिछले कुछ समय से नकल के नाम पर स्कूल की जड़ जमाये बैठे अशा.लखेश्वर उ.मा.वि.बैराड के प्राचार्य एवं उनके साथी खुलेआम हिन्दी के बाद अब संस्कृत के पर्चे में अपने छात्रों को नकल कराने की खुली छूट दे रहे है। 
आरोप तो यह तक लगाया जा रहा है कि इस पूरे घटना क्रम में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है। इस पूरे सेंटर को शिक्षा विभाग ने बोली लगा कर बेच दिया है। इस सेंटर पर प्रशासन के नियम नही बल्कि लखेश्वर स्कुल के प्रंबधन के नियम चलते है। इसी नियम के चलते लखेश्वर विद्यालय के सेंटर को लखेश्वर विद्यालय के प्राचार्य के घर के सामने ही बनाया गया है।
इसी नियम के चलते ही बारहबी क्लास का पहले पेपर में जमकर नकल कराई जा रही थी,मौक पर मिडिया भी पंहुची और जिला शिक्षा अधिकारी भी उन्होने मिडिया को बह…

अब NH में लटक गई शहर की सीवर लाइन

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शिवपुरी। शिवपुरी के नपा प्रशासन को यदि अंतिम संस्कार का काम सौंप दिया जाए तो मुर्दा भी घबराकर दोबारा मर जाए। अर्थी सजाने के लिए बांस लाने के बाद कफन खरीदने जाएंगे। सरकारी दुकान बंद मिली तो अर्थी इंतजार करेगी। कुछ ऐसा ही हो रहा है जलावर्धन और सीवर प्रोजेक्ट में।
जलावधर्न फारेस्ट डिपार्टमेंट में अटकी है, सीवर प्रोजेक्ट एनएच में लटक गया। कहने को तो दूसरे विभागों में लटकी है फाइल, लेकिन थोड़ी समझबूझ की बात करें तो ध्यान में आएगा कि संबंधित विभागों से एनओसी प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने से पहले क्यों नहीं ले ली गईं थीं। प्रोजेक्ट फाइल का अर्थ ही यह होता कि सभी जरूरी और कानूनी दस्तावेज उसमें मौजूद हैं, बस जमीनी स्तर पर काम शेष है, फिर नगरपालिका के प्रशासनिक अधिकारी चौराहे के बेलदारों की तरह काम क्यों कर रहे हैं ?
शहर का सरदर्द बन चुका सीवर प्रोजेक्ट को झटका लग गया है, बताया गया है शहर से गुजर रही एबी रोड पर खुदाई नही हो सकती है, और इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए इस सडक को साढे छह मीटर तक चोडा खोदा जाना आवशयक है परन्तु एनएचएआई ने इसकी परमिशन नही दी है।
सीवर प्रोजेक्ट में आई इस रुकावट को दूर क…