मन, कर्म वचन से होती है भक्ति : बाल व्यास नीलेश शास्त्री

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। मन-वह एकाग्र जो केवल ईश्वरीय ध्यान करे, क्रम-जो केवल ईश्वर के लिए ही बना रहे, वचन जो केवल ईश्वरीय के लिए हो, ऐसी भक्ति हमें ईश्वर का मार्ग प्रशस्त करती है हरेक इंसान यदि इन तीन मार्गों पर चले तो समझिए कि आप ईश्वर के आराध्य है ऐसा करने से प्रभु भक्ति प्राप्त होती है।

ईश्वरीय भक्ति का यह अभिन्न मार्ग बताया बाल व्यास पं.नीलेशकृष्ण शास्त्री ने जो स्थानीय श्रीखेड़ापति हनुमान मंदिर के सामने आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का वाचन अपनी ओजस्वी वाणी में कर रहे थे।

इस दौरान मु य यजमान अनिल शर्मा ने सपत्निक श्रीमती बबीता शर्मा के साथ श्रीमद् भागवत कथा पूजन किया तत्पश्चात मंदिर महंत लक्ष्मणदास त्यागी जी महाराज से आर्शीवाद लिया। इस अवसर पर श्रीखेड़ापति भक्त मण्डी समिति के भक्तजनों ने कथा में शामिल होकर कथा में आने वाले धर्मप्रेमीजनों की सेवा की और पुण्य लाभ कमाया।

कथा में भक्त प्रहलाद चरित्र के साथ अन्य प्रसंगों का वर्णन भी बाल व्यास नीलेश शास्त्री ने किया। कथा में धर्मलाभ लेने के लिए श्री ोड़ापति हनुमान भक्त मण्डल समिति ने अंचल के सभी धर्मप्रेमीजनों से कथा स्थल पर पहुंचने का आग्रह किया है। कथा प्रतिदिन दोप.2 से 6 बजे तक जारी रहेगी जिसमें 03 अप्रैल को कथा समापन, 04 अप्रैल को हनुमान जयंती व 05 अप्रैल को भण्डारे का आयोजन श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर पर किया जाएगा।

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