भोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान इन दिनों कोलारस विधानसभा उपचुनाव की तैयारी कर रहे हैं। सहरिया आदिवासियों का पूरा वोटबैंक हथियाने के लिए वो लगातार कई ऐलान कर रहे हैं। शिवपुरी में पहली बार सहरिया सम्मेलन का आयोजन किया गया। चुनाव आयोग में कोई शिकायत ना कर दे इसलिए इस अभियान के कुछ दूसरे जिलों में भी चलाया गया। इसी के तहत श्योपुर में सीएम शिवराज सिंह ने सहरियों से संबंधित कुछ घोषणाएं कीं। इसमें एक घोषणा ऐसी थी जिसे आप नई पैकिंग में पुरानी मिठाई कह सकते हैं।
श्योपुर में सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि 12वीं पास सहरिया बच्चों को पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा से मुक्त रखा जाएगा। वो सीधे फिजिकल टेस्ट पास करके पुलिस आरक्षक बन सकते हैं। बात कुछ इस तरह प्रस्तुत की गई जैसे सीएम ने आज ही यह घोषणा की है परंतु यह प्रक्रिया तो पहले से ही लागू है।
सितम्बर 2017 को बैगा और भारिया आदिवासी जनजाति के प्रतिनिधियों से बात करते हुए सीएम शिवराज सिंह ने यह ऐलान कर दिया था कि आदिवासी जनजाति के युवाओं को पुलिस में भर्ती करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाएगी। उन्हें प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) की लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी और मैरिट के आधार पर चयन किया जाएगा। इसमें सहरिया, बैगा और भारिया तीनों जनजाति आतीं हैं। खुद पढ़ लीजिए यह खबर (आदिवासियों को बिना PEB EXAM पुलिस में नौकरी मिलेगी, खदानों के पट्टे दिए जाएंगे: शिवराज सिंह)

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