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Showing posts from January 28, 2017

शिवपुरी: भोपाल के युवक के साथ दिन दहाड़े मारपीट कर स्विफ्ट कार लूट के गए

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शिवपुरी। जिले के पिछोर थाना अंतर्गत पिछोर कस्बे के बाहर चार युवकों ने मिलकर एक युवक के साथ मारपीट करते हुए स्विफ्ट कार, दो मोबाईल और 3 हजार रूपये की लूट की घटना को अंजाम देते हुए पिछोर पुलिस के गाल पर तमाचा मार दिया है। इस बात की सूचना लुटे पिटे युवक ने भाग कर एक ढाबे पर पहुँचकर डायल 100 को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार नरेंद्र पुत्र राजेंद्र पवार उम्र 22 बर्ष निवासी भोपाल की कार स्विफ्ट डिजायर क्रमांक एमपी 04 टी ए 8276 को भोपाल से चार अज्ञात युवक किराये पर माताटीला की कहकर लेकर आये थे। तभी पिछोर थाना अंतर्गत पड़रा चौराहा पर युवकों ने लघुशंका की कहकर कार को एकांत में रुकबा दिया। कार के रुकते ही चारो आरोपियों ने युवक को पकड़कर लात घूसों और पत्थरो से मारपीट करते हुए युवक के 2 मोबाइल, 3 हजार रूपये सहित कार को लेकर फरार हो गए।
लुटा पिटा नरेंद्र घायल अवस्था में पास ही के एक ढाबे पर पहुँचा और वहाँ पहुँचकर ढ़ाबे वाले से मोबाईल लेकर डायल 100 को कॉल किया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर घायल युवक को थाने लेकर आई जहाँ युवक की पुलिस ने उपचार कराकर चार अज्ञात आरोपियों…

मंत्री तो जूते उतारकर गए, कलेक्टर ने स्लीपर पहन कर लिया रसोई का जायजा

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शिवपुरी। जिले के कलेक्टर ओ पी श्रीव्ज्ञस्तव के विदेश दौरे पर चले जाने के दौरान शिवपुरी का प्रभार 2011 बेच की IAS और जिला पंचायत शिवपुरी सीईओ नेहा मारव्या को मिलते ही नेहा मारव्या अपने ऊटपटांग बयानों और बेतुके बोलो की बजह से जमकर शुर्खिया बंटोर रही है। बीते रोज भी 45 दिन की कलेक्टर नेहा मारव्या ने जिला जनसंपर्क अधिकारी को नौकरी छीनने की धमकी देने के बाद एक और नया कारनामा कर डाला।
शिवपुरी के शासकीय विद्यालय पुलिस लाइन में एक कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री सहित जिले के सभी अधिकारियो और स्कूली छात्रों का भोजन रखा गया था, इस कार्यक्रम के दौरान भोजन व्यवस्था को देखने पहुचे प्रभारी मंत्री रुस्तम सिंह तो अपने जूते उतार कर रसोई घर में पहुँचे परंतु उनके पीछे चल रही प्रभारी कलेक्टर ने अपनी स्लीपर तक उतारना मुनासिब नहीं समझा।
इस दौरान मंत्री व कलेक्टर ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया, लेकिन यहां बच्चों को टंकी का पानी दिया गया, जबकि मंत्री व कलेक्टर मिनरल वॉटर पीते नजर आए। प्रभारी कलेक्टर ने तो उस गिलास का भी उपयोग नहीं किया, जो थाली के साथ दिया गया था, वे सीधे मिनरल वॉटर की बोतल से ही पानी पीती नज…

प्रभारी कलेक्टर ने SP को भी परेशान कर डाला, प्रशस्ति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए

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शिवपुरी। परेशानी का दूसरा नाम बनती जा रही प्रभारी कलेक्टर नेहा मारव्या ने इस बार एसपी शिवपुरी को भी परेशान कर डाला। प्रभारी कलेक्टर नेहा मारव्या ने गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों के प्रशस्ति पत्रों पर भी हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। मजबूरन पुलिस विभाग को नए प्रशस्ति पत्र छपवाने पड़े जिसमें कलेक्टर का जिक्र ही नहीं था। जबकि जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति कायम रखना कलेक्टर की पदेन जिम्मेदारी है और पुलिस के प्रशस्ति पत्रों पर हस्ताक्षर करने से कलेक्टर का ही सम्मान बढ़ता है। कलेक्टर की इस तरह की हरकतें पुलिस और प्रशासन के बीच अघोषित संघर्ष शुरू कर सकतीं हैं। 
बताया गया है कि एक दिन पूर्व विभाग ने करीब 40 प्रमाण पत्र हस्ताक्षर के लिए प्रभारी कलेक्टर के पास भेजे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया, जिसके बाद आनन फानन में नए प्रमाण पत्र छपवाए गए, जिनमें सिर्फ पुलिस अधीक्षक के हस्ताक्षर थे। गणतंत्र दिवस को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को जो प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं, उनमें कलेक्टर के हस्ताक्षर होते हैं।
हालांकि पुलिस कप्तान ने ऐसा कोई मामला नहीं होने की…

प्रभारी मंत्री के बोलवचन: अस्पताल में ICU नहीं तो क्या, इलाज तो हो ही रहा है ना

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शिवपुरी। वैसे तो मध्यप्रदेश का न.1 जिला चिकित्सालय अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की के व्यवहार के चलते अक्सर सुर्खिया बंटोरता रहा है लेकिन अब पिछले आठ दिन से प्रदेश के नंबर 1 शिवपुरी जिला अस्पताल के आईसीयू में ताले झूल रहे हैं और मरीजों को ग्वालियर रेफर किया जा रहा है। लेकिन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री रुस्तमसिंह इसे फेलिअर नहीं मानते। 
प्रभारी मंत्री से जब अस्पताल की दुर्दशा को लेकर सवाल किया तो उनका कहना था कि अगर स्पेशलिस्ट नहीं हैं तो भी इलाज तो हो रहा है। ये कोई फेलिअर नहीं हैं। मेरे ग्रह जिले मुरैना सहित प्रदेश के कई जिला अस्पतालों में तो आईसीयू ही नहीं हैं। 
एक माह पहले डॉक्टरों द्वारा वीआरएस का नोटिस देने के बावजूद विभाग ने पहले से कोई इंतजाम नहीं किए। इस पर मंत्री विफर गए उनका कहना था कि यह एक प्रजातांत्रिक व्यवस्था है, किसी डॉक्टर को जबरदस्ती पकड़कर काम तो करवाया नहीं जा सकता, फिर भी हम नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं।
जब मंत्री से इस मामले में अब तक डॉक्टरों को नोटिस तक जारी न किए जाने को लेकर सवाल किया गया तो वह मीडिया पर झल्लाते हुए बोले कि आयुक्त औ…