लुकवासा \ कोलारस। शिवपुरी जिले में आवारा कुत्तों का संकट अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। अब यह समस्या गांवों और जंगलों की सीमा तक पहुंच चुकी है। बदरवास सब रेंज के अंतर्गत लुकवासा वन चौकी क्षेत्र में आनंदपुर रोड के किनारे स्थित खेतों में गुरुवार को आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक हिरण पर हमला कर उसे मार डाला। इस घटना ने न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार हिरण जान बचाने के लिए खेतों की ओर भागा था, लेकिन पहले से घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे चारों ओर से घेर लिया। काफी देर तक हिरण अपनी जान बचाने के लिए दौड़ता रहा, लेकिन कुत्तों के लगातार हमलों से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। कुछ ही देर बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अमले ने पंचनामा तैयार कर शव को कब्जे में लिया। पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराने के बाद नियमानुसार हिरण का अंतिम संस्कार किया गया।
अब केवल शहर नहीं, ग्रामीण और वन क्षेत्र भी असुरक्षित
शिवपुरी में लंबे समय से शहरों में स्ट्रीट डॉग का आतंक चर्चा का विषय रहा है। आए दिन लोगों पर हमले और काटने की घटनाएं सामने आती रही हैं। अब लुकवासा की घटना यह संकेत दे रही है कि आवारा कुत्तों के झुंड गांवों और जंगलों के आसपास भी सक्रिय हो चुके हैं। इससे वन्यजीवों पर हमले बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से निकलकर खेतों की ओर आने वाले हिरण, नीलगाय और अन्य वन्यजीव अब इन कुत्तों के झुंड का आसान शिकार बन रहे हैं। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो वन्यजीवों की संख्या और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भी चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जब कुत्तों के झुंड एक स्वस्थ हिरण को घेरकर मार सकते हैं, तो ऐसे हमलावर झुंड खेतों में काम करने वाले किसानों, महिलाओं और अकेले आने-जाने वाले बच्चों के लिए भी खतरा बन सकते हैं। पशु व्यवहार के जानकार भी मानते हैं कि यदि कुत्तों के झुंड को समय पर नियंत्रित नहीं किया गया तो उनके आक्रामक व्यवहार का जोखिम वन्यजीवों के साथ-साथ इंसानों तक भी बढ़ सकता है।

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