शिवपुरी। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत मंगलवार को शिवपुरी के दून पब्लिक स्कूल में डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर सतर्कता विषय पर एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों से अवगत कराते हुए उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय बताए और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निरीक्षक रजनी सिंह चौहान ने कहा कि आज साइबर अपराधी लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी, बैंक अधिकारी या अन्य सरकारी एजेंसी का नाम लेकर डराने और ठगने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कभी भी किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल या फोन पर गिरफ्तार नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार का दावा करता है या किसी प्रकार का दबाव बनाता है तो वह साइबर ठगी का हिस्सा हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि अनजान लोगों से दोस्ती करने, उनकी भेजी गई लिंक पर क्लिक करने या निजी जानकारी साझा करने से बचें। थोड़ी-सी लापरवाही आर्थिक नुकसान और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है।
पासवर्ड मजबूत रखें, अनजान लिंक से रहें दूर
साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह जाट ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आवश्यकता और सही उम्र के अनुसार ही सोशल मीडिया अकाउंट बनाएं तथा समय-समय पर उसका पासवर्ड और पिन बदलते रहें।
उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी मैसेज, संदिग्ध ई-मेल और सोशल मीडिया लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी के तरीकों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए मैसेज का जवाब न दें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। जागरूकता और सावधानी ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।
1930 पर करें शिकायत, साइबर सेल भी करेगी मदद
साइबर सेल के आरक्षक जलज रावत ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा शिवपुरी साइबर सेल के मोबाइल नंबर 70491 23288 पर भी सूचना देकर सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस अधिकारियों ने किया जागरूक, स्कूल परिवार ने जताया आभार
कार्यक्रम में देहात थाना के सहायक उपनिरीक्षक सुमित सिंह सेंगर, आरक्षक मिथुन कुशवाह,आरक्षक लखन बघेल एवं महिला आरक्षक अंजली शर्मा ने भी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सतर्कता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में अखलाक खान एवं स्कूल के प्राचार्य अभिजीत घोषाल ने पुलिस अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, दून पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर डॉ. खुशी खान एवं शाहिद खान ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियान विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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