शिवपुरी। जुलाई का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन जिले में मानसून अब तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। कहीं हल्की फुहार तो कहीं आधे घंटे की बारिश के बाद मौसम फिर उमस भरा हो जाता है। सोमवार शाम तेज आंधी के साथ करीब आधे घंटे हुई बारिश ने कुछ देर के लिए मौसम जरूर सुहावना बनाया, लेकिन बारिश थमते ही उमस ने लोगों को फिर बेहाल कर दिया। सबसे अधिक चिंता किसानों को सता रही है। कमजोर मानसून के कारण खेतों में नमी नहीं बन पा रही है, जिससे फसलें कमजोर पड़ने का डर किसानों को सताने लगा है। अब किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और वे इंद्रदेव की घनघोर वर्षा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
शहर सहित जिलेभर में सोमवार को सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी का दौर जारी रहा। शाम करीब छह बजे तेज आंधी के साथ लगभग 30 मिनट बारिश हुई, लेकिन यह बारिश इतनी नहीं थी कि लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सके। बारिश रुकने के कुछ ही समय बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस पहले से ज्यादा महसूस होने लगी।
बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर खेती-किसानी पर दिखाई दे रहा है। जिन किसानों ने अब तक बोवनी नहीं की है, वे पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जबकि जिन किसानों ने जोखिम उठाकर बीज डाल दिए हैं, उन्हें फसलों के खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी और लगातार बारिश नहीं हुई तो खेतों में डाला गया बीज अंकुरित नहीं होगा या कमजोर रह जाएगा, जिससे बीज और खाद दोनों पर किया गया खर्च बेकार हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 7.62 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक 32 मिमी बारिश बदरवास में हुई, जबकि पिछोर में 11 मिमी, खनियाधाना में 7 मिमी, नरवर में 5 मिमी, बैराड़ में 4 मिमी, करैरा में 3.40 मिमी, शिवपुरी में 3.20 मिमी, कोलारस में 2 मिमी और पोहरी में 1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
अब तक जिले में 118.41 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 433.03 मिमी बारिश हो चुकी थी। आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि इस बार मानसून सामान्य रफ्तार से काफी पीछे चल रहा है, जिसका सीधा असर खेती और जनजीवन पर पड़ रहा है।
इधर मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों के लिए राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक झारखंड और ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन अब मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण 7 से 10 जुलाई के बीच जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए पांच दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होता है तो इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। अच्छी बारिश होने पर बोवनी का कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा और पहले से बोई गई फसलों को भी नया जीवन मिलेगा। फिलहाल पूरे जिले के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और इंद्रदेव की मेहरबानी का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि यही बारिश उनकी मेहनत, उम्मीद और आने वाली फसल का भविष्य तय करेगी।

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