पिछोर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत गरेठा निवासी सूखनंदन केवट उम्र 21 साल और तोरण आदिवासी उम्र 20 साल ने यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। एक मिनिट 4 सैंकेंड की इस वीडियो मे एक युवा मगरमच्छ को खिलौने की तरह घुमा रहा है और उसको पकड कर उठा रहा है। मगरमच्छ का मुंह किसी कपडे से बंधा हुआ दिखाई दे रहा हैं। मगरमच्छ को जब युवक ने उठाया और फोटो सेशन कराया तो दोनो की लंबाई एक समान दिखाई दे रही है।
युवक ने उसे पानी के फैक दिया लेकिन फैकने से पहले उसके मुंह से कपडा नही हटाया है। मगरमच्छ के पेट पर जला हुआ निशान दिखाई दे रहा है इससे प्रतीत होता है कि मगरमच्छ को करंट देकर मारा गया है। वही इस पूरे 1 मिनिट और 4 सैकेंड की वीडियो मे मगरमच्छ मे कोई हलचल नही दिखाई दे रही है। वन विभाग को आशंका है कि मगरमच्छ को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो में दिख रहा मगरमच्छ घायल था, अचेत था या उसकी मौत हो चुकी थी।
यह वीडियो बनाने के बाद युवको ने इस वीडियो को सोशल पर लोड कर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही वन विभाग हरकत में आया और एसटीएफ के सहयोग से दोनों युवकों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
करंट से मौत की आशंका ने बढ़ाई चिंता
सूत्रों के अनुसार ग्राम गरेठा क्षेत्र माताटीला डैम के बैकवॉटर इलाके में आता है, जहां ग्रामीण अक्सर मछली पकड़ने जाते हैं। चर्चा है कि कुछ लोगों ने मछलियों के शिकार के लिए पानी में करंट प्रवाहित किया था, जिससे मगरमच्छ की मौत हो सकती है। इसके बाद युवकों ने मृत मगरमच्छ के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। हालांकि वन विभाग ने अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मगरमच्छ की तलाश में जुटा वन अमला
वन विभाग की टीम लगातार उस मगरमच्छ की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ मिलने के बाद ही उसकी वास्तविक स्थिति और मौत के कारणों का पता चल सकेगा। रेंजर ऋषभ बिसारिया के अनुसार, वीडियो में मगरमच्छ कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था, जिससे संदेह हुआ कि कहीं उसे मार तो नहीं दिया गया। इसी आधार पर मामला दर्ज कर युवको को न्यायालय में पेश किया गया है।
वहीं उप वन मंडलाधिकारी आदित्य शांडिल्य ने बताया कि वायरल वीडियो के बाद दोनों युवकों को पकड़ लिया गया था। पूछताछ में युवकों ने दावा किया कि मगरमच्छ उन्हें घायल अवस्था में मिला था। मामले की जांच जारी है।

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