फरहान काजी @ रन्नौद कोलारस। शिवपुरी जिले कोलारस अनुविभाग के रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम विजयपुरा में गुरुवार दोपहर आकाशीय बिजली ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा गांव शोक में डूब गया। जंगल में बकरियां चराने गए दो आदिवासी बच्चों की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। यही नहीं, बिजली की चपेट में आकर 17 भैंस और 9 बकरियां भी दम तोड़ गईं। एक ही घटना में दो मासूमों और 26 पशुओं की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार पशुपालकों को 15 से 17 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है।
बारिश से बचने पेड़ के नीचे लिया था सहारा, वहीं बन गया मौत का ठिकाना
जानकारी के अनुसार ग्राम विजयपुरा निवासी 14 वर्षीय दशरथ आदिवासी पुत्र बाबू आदिवासी अपने रिश्तेदार 10 वर्षीय अभिषेक आदिवासी के साथ रोज की तरह जंगल में बकरियां चराने गया था। दोपहर में मौसम अचानक बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए दोनों बच्चे पास ही एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए।
इसी दौरान तेज गर्जना के साथ पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली इतनी भीषण थी कि दोनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।
दशरथ की 9 बकरियां भी नहीं बच सकीं
बिजली गिरने से दशरथ आदिवासी के परिवार की 9 बकरियां भी मौके पर ही मर गईं। जब गांव के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो वे दौड़कर जंगल पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। मासूमों के शव और मृत पशुओं को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातम और सन्नाटा छा गया।
17 भैंसों की भी थम गई सांसें
घटना के समय आसपास के अन्य पशुपालकों की भैंसें भी जंगल में चर रही थीं। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 17 भैंसों की भी मौके पर ही मौत हो गई। मृत पशुओं में मुन्नालाल पाल की 5 भैंस, चंद्रभान पाल की 5, राकेश पाल की 2, शोभाराम पाल की 2, जगदीश लोधी की 2 तथा सीताराम पाल की 1 भैंस शामिल है। एक साथ इतने पशुओं की मौत से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों के अनुसार मृत पशुओं की कीमत करीब 15 से 17 लाख रुपए आंकी जा रही है।
गांव में पसरा मातम, प्रशासन मौके पर पहुंचा
हादसे की सूचना मिलते ही रन्नौद थाना पुलिस और राजस्व विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही मृत पशुओं का भी पंचनामा बनाकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है।
राजस्व विभाग ने प्रभावित परिवारों और पशुपालकों को शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे विजयपुरा गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही पलों में दो मासूमों की जिंदगी खत्म हो गई और कई परिवारों की आजीविका का सहारा भी छिन गया।

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