बदरवास। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के बदरवास थाना सीमा में स्थित राइजिंग सोल्स स्कूल के दो छात्रों (स्टूडेंट्स) के अपहरण का प्रयास करने की खबर मिल रही है। स्कूल के कड़े नियमों और स्टाफ की सजगता से यह अनहोनी टल गई। बच्चों का अपहरण करने आए संदिग्ध कैमरों में कैद हो गए हैं। स्कूल के डायरेक्टर सुमित यादव ने घटना की जानकारी बच्चों के परिजनों को दी। परिजनों ने इस मामले को लेकर एक आवेदन बदरवास थाना पुलिस को दिया है।
स्कूल के डायरेक्टर सुमित यादव ने शिवपुरी समाचार से बातचीत करते हुए कहा कि मंगलवार की दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे 2 युवक स्कूल में आए और कहा कि हमें वेदांश पुत्र भूरा यादव और निमिषा यादव पुत्री सुनील यादव (निवासी सींगाखेड़ी) को घर ले जाना है। स्कूल में मौजूद स्टाफ ने बच्चों को उनके साथ भेजने से मना कर दिया और कहा कि आप पहले इनके माता-पिता (पेरेंट्स) से फोन पर बात कराएं, उसके बाद ही बच्चों को आपको सौंपा जाएगा।
डायरेक्टर यादव ने बताया कि जब स्कूल के स्टाफ ने बच्चों के परिजनों से बात कराने को कहा, तो स्कूल पहुंचे दोनों युवक फोन पर बात कराने का नाटक करने लगे और कहने लगे कि फोन नहीं लग रहा है। इस पर स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक बात नहीं होती, तब तक बच्चे नहीं दिए जाएंगे। यह सुनकर दोनों अज्ञात युवक अपने कान पर मोबाइल लगाकर इधर-उधर टहलने लगे। उन्होंने स्टाफ से कहा कि शायद नेटवर्क में गड़बड़ी है, हम बाहर जाकर ट्राई करते हैं। इसके बाद दोनों युवक वहां से गायब हो गए।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी स्कूल स्टाफ ने तुरंत स्कूल डायरेक्टर सुमित यादव को दी। मामला संदिग्ध लगने पर सुमित यादव तत्काल स्कूल पहुंचे और बच्चों के परिजनों को फोन लगाकर पूछा कि क्या आपने किसी मिलने वाले या रिश्तेदार को बच्चों को स्कूल से लेने के लिए भेजा था? परिजनों ने साफ मना कर दिया कि उन्होंने बच्चों को लेने किसी को नहीं भेजा है। इसके बाद सुमित यादव ने पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने स्कूल में लगे कैमरों (CCTV) में इन दोनों युवकों को देखकर कहा कि हम इन्हें नहीं जानते, ये न तो हमारे कोई परिचित हैं और न ही रिश्तेदार।
बच्चों के माता-पिता ने बदरवास थाने में इस मामले की आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है। राइजिंग स्कूल के स्टाफ की इस सतर्कता की हर जगह तारीफ हो रही है। उनकी एक छोटी-सी समझदारी ने न सिर्फ दो मासूम जिंदगियों को बचा लिया, बल्कि बाकी स्कूलों और अभिभावकों को भी एक कड़ा संदेश दिया है— 'सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी चाबी है!' बताया जा रहा है कि दोनों अपहरणकर्ता पैदल ही स्कूल में आए थे। इनमें से एक की उम्र लगभग 30 से 35 साल और दूसरे की उम्र 35 से 40 साल के बीच बताई जा रही है।

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