नरेन्द्र जैन @ खनियाधाना। शिवपुरी जिले के खनियाधाना से मात्र 3 किलोमीटर दूर पनिहारा गांव में इन दिनों 10 फीट लंबे मिस्टर अजगर ने सबकी रातों की नींद उड़ा रखी थी। पिछले कई दिनों से इलाके में अपनी दहशत फैलाने वाले मिस्टर अजगर बुधवार को आखिरकार उत्तम सिंह यादव के खेत में एक चट्टान के नीचे छिपे हुए पाए गए। सूचना मिलते ही वन विभाग और सर्पमित्र महावीर जैन की टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। लगभग दो घंटे चले इस रोमांचक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिस्टर अजगर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और पास के एक डेम में नया घर देकर विदा कर दिया गया।
चट्टान के नीचे चल रहा था मिस्टर अजगर का चिल सेशन
रेस्क्यू टीम जब मौके पर पहुंची, तो पता चला कि मिस्टर अजगर एक बड़ी चट्टान के नीचे आराम से बैठे हैं। उन्हें उनके इस गुप्त ठिकाने से बाहर निकालना कोई आसान काम नहीं था। रेस्क्यू टीम को काफी पसीना बहाना पड़ा। पूरे दो घंटे तक इंसान और मिस्टर अजगर के बीच लुका-छिपी का खेल चला, जिसके बाद बड़ी ही सावधानी से उन्हें चट्टान के नीचे से निकालकर सुरक्षित पकड़ लिया गया।
नीलगाय के बच्चे की उड़ाई थी शानदार दावत
गांव वालों की मानें तो मिस्टर अजगर का खौफ यूं ही नहीं था; चर्चा है कि वे इलाके में एक नीलगाय के बच्चे का शिकार कर चुके थे। इस भारी-भरकम दावत के बाद से ही गांव वालों के दिलों में दहशत बैठ गई थी। आलम यह था कि खेत में मिस्टर अजगर की इस वीआईपी मौजूदगी के कारण किसानों ने डर के मारे खेत पर जाना ही छोड़ दिया था, जिससे खेती का सारा काम ठप पड़ा था।
सर्पमित्र और वन विभाग की टीम ने दिखाया कमाल
इस जोखिम भरे ऑपरेशन को सर्पमित्र महावीर जैन, उनके साथी शैलेंद्र जैन, कुलदीप, राहुल और वन विभाग की टीम ने मिलकर बखूबी अंजाम दिया। 10 फीट लंबे मिस्टर अजगर को पकड़ने में टीम ने पूरी सावधानी बरती ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे।
डेम में मिला नया घर, गांव वालों ने ली राहत की सांस
पकड़े जाने के बाद मिस्टर अजगर को पास के ही एक डेम में सुरक्षित छोड़ दिया गया, ताकि वे बिना किसी को परेशान किए अपने प्राकृतिक आवास में रह सकें। मिस्टर अजगर के गांव से विदा होते ही पनिहारा के ग्रामीणों के चेहरों पर रौनक लौट आई और उन्होंने राहत की गहरी सांस ली। अब ग्रामीण बिना किसी अनहोनी के डर के अपने खेतों में वापस लौट सकेंगे।
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