नरेन्द्र जैन@ खनियांधाना। शिवपुरी जिले के खनियांधाना कस्बे से एक बेहद असंवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहाँ व्यस्त मार्ग पर स्कूल और कोचिंग आने-जाने वाली नाबालिग छात्राओं के आसपास एक युवक साइकिल से खतरनाक स्टंट करते हुए इंस्टाग्राम रील्स बना रहा है। इन हरकतों से न केवल किसी बड़ी सड़क दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, बल्कि राहगीर छात्राओं को भी भारी असहजता और मानसिक परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में इन स्टंट करने के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर लोगों में तरह-तरह के आक्रोश और विरोध के स्वर भी देखने को मिल रहे हैं।
कानून की धज्जियां और पुलिस की चुप्पी
सबसे गंभीर और शर्मनाक पहलू यह है कि यह सब कुछ कानून के रखवालों की नाक के नीचे हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक बेखौफ होकर पुलिस थाने के ठीक सामने और वहां खड़ी डायल-112 पुलिस वाहनों के पास खतरनाक तरीके से साइकिल के पहिए हवा में उठाकर स्टंट कर रहा है।
तस्वीरों और वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा है कि मौके पर मौजूद डायल-112 के चालकों और पुलिसकर्मियों के चेहरों पर इस गैरकानूनी हरकत को देखकर मुस्कुराहट तो तैर रही है, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस हुड़दंगई युवक को रोकने या टोकने की जहमत तक नहीं उठाई। खाकी की इस लचर कार्यप्रणाली और खामोशी के कारण इन शोहदों के हौसले इतने बुलंद हैं।
क्या कहते हैं नियम?
विशेषज्ञों और कानूनविदों का कहना है कि व्यस्त सड़कों पर इस प्रकार का खतरनाक स्टंट करना मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य यातायात नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा, बिना सहमति के नाबालिग छात्राओं के वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना और उन्हें सार्वजनिक करना निजता के हनन के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब पुलिस थाने के ठीक बाहर ही कानून का मखौल उड़ाया जा रहा है, तो आम इलाकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा? नगरीय क्षेत्र के लोगों ने पुलिस प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि ऐसे उपद्रवी तत्वों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और सबक सिखाने के लिए इनका जुलूस निकाला जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की ओछी हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके।
अब सवाल यह उठता है कि क्या आला अधिकारी इन वीडियो का संज्ञान लेते हुए खनियांधाना थाने के सामने ड्यूटी पर तैनात और मूकदर्शक बने डायल-112 के चालकों/कर्मियों पर भी विभागीय कार्रवाई करेंगे, जिन्होंने अपनी ड्यूटी से मुंह मोड़कर इन मनचलों को बढ़ावा दिया है? जनता और अभिभावक नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा के लिए इन लापरवाह पुलिसकर्मियों और स्टंटबाज युवाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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