राजेंद्र बाथम @ शिवपुरी। शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना सीमा में एक 40 साल के युवक का अपना निवाला बना लिया है। 40 साल का सरवन पुत्र लच्छी आदिवासी बीते बुधवार की सुबह से गायब था। माधव टाइगर रिजर्व की सीमा में मृतक युवक के मात्र 25 प्रतिशत अंग ही मिले है। गायब युवक के जुतो और कपड़ों से उसकी पहचान की गई। वन विभाग युवक की लाश को एक बोरी में भरकर लाए थे। इस युवक के कुछ हड्डियां और मांस के लोथड़े ही बचे थे।
जानकारी के अनुसार सतनवाड़ा नरवर रोड पर मडीखेडा डैम के पास ऐरावन गांव में निवास करने वाले सरवन आदिवासी की गाय गुम हो गई थी। बुधवार को वह अपनी गाय को खोजने के लिए जंगल गया था। उसके बाद वह वापस नहीं लौटा था। बताया जा रहा है ऐरावन गांव और माधव टाइगर रिजर्व की सीमा के पास स्थित माता के मंदिर पर अखंड धुन चल रही थी इसलिए मृतक के बेटे ने अनुमान लगाया कि वह मंदिर पर ही रुक गए होगें।
जानकारी मिल रही है कि आज वन विभाग की टीम को टाइगर रिजर्व की सीमा में सिंध नदी के पास एक मानव लाश मिली। लाश मे कुछ हड्डियां और मांस लौथडे थे। माधव नेशनल पार्क की टीम ने इन मानव अंगों को बोरी में भरकर ले आई है। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में मृतक का पीएम होगा। घटना स्थल से जो फोटो आए है उसमे सिंध नदी का किनारा है और किनारे पर सरवन के कपडे रखे है। अगर सरवन की लाश की बात करे तो एक पैर 2 हाथ और सिर और कुछ मांस के टूकडे मिले है। घटना स्थल के फोटो देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि सरवन नदी में नहाने गया था इसी दौरान मादा टाइगर एमटी 6 ने सरवन पर हमला किया है। नदी किनारे सरवन के कपड़ों और जूतों का मिलना यह सिद्ध करता है कि मादा टाइगर के पेट का निवाला सरवन ही बना है।
चूकि सरवन आदिवासी अपनी गाय को तलाश करने जंगल गया था और अभी भी लापता है। ग्रामीणों ने उसकी जूतों और कपड़ों से उसकी पहचान की है। सरवन के परिवार मे एक बेटा है,वह भी मजदूरी करने शिवपुरी के बाहर गया है। मृतक के बेटे का डीएनए टेस्ट कराया जाऐगा उसके बाद ही यह पुष्टि होगी की मरने वाला रामचरण आदिवासी है।
ऐरावन गांव के लोगो कहना है कि पिछले 3 दिनो से यहां फॉरेस्ट की गाड़ियों का लगातार आना जाना हो रहा था। इससे अनुमान लगाया जा रहा था कि यहां टाइगर की लोकेशन हो। अनुमान लगाया जा रहा है कि रामचरण पर हमला करने वाला टाइगर मादा टाइगर एमटी 6 हो सकता हैं क्यो कि मादा टाइगर एमटी 6 ही पार्क की सीमा ने निकलकर हमले कर रही है। यह मादा टाइगर का तीसरा हमला है। इससे पूर्व उसने खेत पर बैठे एक वृद्ध पर हमला कर दिया था उसके बाद एक भैंस पर हमला किया था और अब सरवन आदिवासी को मौत के घाट उतार दिया है।
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