करैरा। शिवपुरी के करैरा थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य के मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने 17 वर्षीय अपचारी बालक को दोषी माना है। बोर्ड ने सुधार और पुनर्वास के लिए उसे एक साल के लिए इंदौर स्थित विशेष गृह भेजने का आदेश दिया है। साथ ही पीड़ित बालक को 1 लाख रुपए मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सिफारिश की गई है।
17 मई 2024 का है मामला
मामला 17 मई 2024 का है। करैरा थाना क्षेत्र में अपचारी बालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 342, 377, 506(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। बाद में मामला किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश हुआ।
सबूत और बयानों के आधार पर फैसला
किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट प्रिया शर्मा, सदस्य रंजीत गुप्ता और सरला वर्मा की बेंच ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और बयानों का परीक्षण करने के बाद बोर्ड ने अपचारी बालक को दोषी माना। बोर्ड ने आदेश में कहा कि बालक के सुधार और पुनर्वास के उद्देश्य से उसे एक वर्ष तक विशेष गृह इंदौर में रखा जाएगा, ताकि उसे समाज की मुख्यधारा में दोबारा स्थापित किया जा सके।
पीड़ित को 1 लाख रुपए मुआवजे की सिफारिश
बोर्ड ने पीड़ित बालक को 1 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सिफारिश भेजी है। मामले में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी शमीम खान ने पैरवी की।
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