शिवपुरी। बारिश का दौर थमने और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। जिले में वायरल फीवर, टाइफाइड और अन्य संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अकेले जिला अस्पताल में 1370 और मेडिकल कॉलेज में 1350 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। यानी दोनों प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी में एक ही दिन में 2720 मरीज पहुंचे।
सबसे ज्यादा दबाव मेडिसिन विभाग पर दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में ही बुधवार को 300 से अधिक मरीजों ने उपचार कराया। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की रही, जिन्हें तेज बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी, सर्दी-जुकाम और संक्रमण जैसी शिकायतें थीं।
बच्चे भी चपेट में, बुखार और संक्रमण की शिकायत
बदलते मौसम का असर बच्चों पर भी दिखाई दे रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में 65 मरीज बुखार और टाइफाइड की शिकायत लेकर पहुंचे, जबकि 2 मरीज डेंगू के इलाज के लिए आए। डॉक्टरों के मुताबिक लगातार मौसम बदलने के कारण वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और बच्चों को भी बुखार व कमजोरी की शिकायत के साथ अस्पताल लाया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में 73 लोगों के टाइफाइड टेस्ट किए गए थे। इनकी रिपोर्ट बुधवार को आई, जिसमें 13 मरीज टाइफाइड से संक्रमित पाए गए।
डेंगू-मलेरिया ने भी बढ़ाई चिंता
वायरल और टाइफाइड के साथ डेंगू और मलेरिया को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। मलेरिया विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगस्त माह के अंत तक जिले में डेंगू के 10 मरीज सामने आए हैं। इनमें दो मरीज डबरा क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू से संबंधित 6 आईजीएम केस भी सामने आए हैं, जबकि एक नया केस भी दर्ज किया गया है। इसके अलावा अगस्त के अंत तक जिले में मलेरिया के 19 मरीज मिल चुके हैं।
बारिश थमने के बाद बढ़ सकता है मच्छरों का प्रकोप
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बारिश के बाद घरों, खाली प्लॉटों, नालियों और अन्य स्थानों पर पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। बारिश रुकने के बाद जब पानी कई दिनों तक जमा रहता है और मौसम में नमी बनी रहती है, तो डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
दवा लेने के बाद भी आराम नहीं तो अस्पताल पहुंचे मरीज
अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में कई ऐसे भी हैं, जिन्हें कई दिनों से बुखार है और सामान्य दवा लेने के बावजूद आराम नहीं मिल रहा। मरीज राहुल व्यास ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें तेज बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत थी। दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिला तो वे जिला अस्पताल में जांच कराने पहुंचे। वहीं रमा शिवहरे ने बताया कि उनके घर में पहले एक सदस्य को बुखार आया था। इसके बाद परिवार के दूसरे सदस्यों की तबीयत भी खराब होने लगी। लगातार बुखार रहने पर उन्हें अस्पताल लेकर आए हैं।
डॉक्टर बोले- लगातार बुखार को सामान्य न समझें
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम बदलने के दौरान वायरल फीवर के मामले सामान्य रूप से बढ़ सकते हैं, लेकिन लगातार बुखार रहने पर इसे सामान्य वायरल मानकर खुद से इलाज करना ठीक नहीं है। यदि बुखार के साथ शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द, सर्दी-जुकाम या अन्य लक्षण बने रहते हैं तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। आवश्यकता पड़ने पर डेंगू, मलेरिया या टाइफाइड की जांच भी कराई जानी चाहिए।
सिविल सर्जन आरपी सिंह चौहान के अनुसार मौसम बदलने की वजह से जिला अस्पताल में वायरल फीवर और टाइफाइड सहित अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में पर्याप्त दवा और आवश्यक स्टॉक उपलब्ध है तथा मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
मेडिकल कॉलेज अधीक्षक आशुतोष चौऋषि ने भी कहा कि मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों बुखार और वायरल के मरीज बढ़े हैं। मेडिकल कॉलेज में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
फिलहाल सबसे जरूरी सावधानी
स्वास्थ्य विभाग के सामने इस समय दोहरी चुनौती है। एक तरफ वायरल और टाइफाइड के मरीजों की बढ़ती संख्या अस्पतालों की ओपीडी पर दबाव बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया के मच्छरों के पनपने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बीमारी का प्रकोप बढ़ने से रोकने के लिए लोगों को व्यक्तिगत सावधानी के साथ-साथ घर और आसपास की सफाई पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
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