कोलारस। शिवपुरी जिले के कोलारस नगर में एक कोचिंग सेंटर के बाहर हुआ मामूली विवाद कुछ ही मिनटों में खूनी संघर्ष में बदल गया। कोचिंग से पढ़ाई कर घर लौट रहे 12 वर्षीय छात्र पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसके सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। मामला पुलिस तक पहुंच चुका है पुलिस ने जांच शुरू कर दी है,बच्चे एक स्कूल मे एक की क्लास मे पढते है और स्कूल की लडाई राज कोचिंग सेंटर तक पहुंची है। इस मामले मे जो सबसे बडा प्रश्न यह उठाया जा रहा है कि बच्चो के बस्तो में बुक की जगह चाकू रख रहे है,किस मानसिकता मे 12 साल के बच्चे पहुंच चुके है।
कोचिंग में हुई कहासुनी, शिक्षक ने कराया था समझौता
जानकारी के अनुसार, कोलारस नगर के वार्ड क्रमांक-14 निवासी कुशाग्र सड़ैया उम्र 12 साल रोज की तरह 20 जुलाई की शाम करीब 7:20 बजे कोचिंग क्लास से पढ़ाई कर बाहर निकल रहा था। इसी दौरान उसकी कोचिंग में पढ़ने वाले एक छात्र और उसके भाई से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। मामला बढ़ता देख कोचिंग शिक्षक ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया और विवाद खत्म करा दिया। इसके बाद सभी छात्र वहां से अपने-अपने घर के लिए निकल गए।
रास्ते में फिर हुआ विवाद, चाकू से किया हमला
बताया जा रहा है कि जब कुशाग्र कन्या विद्यालय और पुराने थाने के पास पहुंचा, तभी दूसरे पक्ष ने उसे फिर रोक लिया। मामूली बहस दोबारा शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष के युवक ने कुशाग्र पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में चाकू उसके सिर और गर्दन पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
लोगों ने बचाई जान, अस्पताल में कराया भर्ती
घटना देख आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बीच-बचाव कर हमलावरों को वहां से हटाया और घायल छात्र को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे लेकर सीधे कोलारस थाना पहुंचे, जहां पूरे मामले की लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोलारस थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना स्थल के आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल था। हालाकि सभी बच्चे नाबालिग की बताए जा रहे हैं।
कोचिंग प्रबंधन पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि कोचिंग में विवाद होने के बावजूद छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। यदि विवाद के बाद दोनों पक्षों को जिम्मेदारी से अलग कराया जाता या अभिभावकों को तत्काल सूचना दी जाती, तो संभवतः रास्ते में हुई यह खूनी घटना टाली जा सकती थी। ऐसे में कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।