नरवर। शिवपुरी जिले के नरवर इलाके में एक अनाज व्यापारी का भरोसा उस वक्त तार-तार हो गया, जब उनका 11 लाख रुपए की कीमत का 389 क्विंटल गेहूं लेकर एक ट्रक बीच रास्ते से ही रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया। लाखों रुपए का माल गायब होने के बाद पीड़ित व्यापारी अब न्याय के लिए नरवर थाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई है।
नरवर के प्रतिष्ठित अनाज व्यापारी नीरज कुमार अग्रवाल, जो अपनी फर्म हरिशंकर नीरज कुमार के नाम से व्यवसाय करते हैं, ने नरवर अनाज मंडी से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़-हापुड़ के लिए गेहूं की एक बड़ी खेप रवाना की थी। 16 जून को ट्रक नंबर RJ 11 GD 4058 में कुल 389 क्विंटल गेहूं लोड किया गया था। सब कुछ तय योजना के मुताबिक चल रहा था। 17 जून की शाम तक ट्रक चालक से व्यापारी की फोन पर बात भी हुई, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने व्यापारी के पैरों तले जमीन खिसका दी।
मालनपुर टोल पर कटी आखिरी पर्ची, फिर मोबाइल हुआ 'स्विच ऑफ'
17 जून की शाम के बाद अचानक ट्रक चालक और मालिक का मोबाइल नंबर बंद हो गया। जब तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी गेहूं अलीगढ़ और हापुड़ की मंडियों में नहीं पहुंचा, तो व्यापारी नीरज अग्रवाल को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल शुरू की। छानबीन में पता चला कि इस ट्रक का आखिरी टोल मुरैना के मालनपुर टोल प्लाजा पर कटा था। इसके बाद से न तो ट्रक का कोई अता-पता है और न ही उस पर लदे कीमती गेहूं का।
ट्रक मालिक ही निकला सूत्रधार
व्यापारी की जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस पूरी साजिश के पीछे कोई और नहीं, बल्कि खुद ट्रक का मालिक अजय गोस्वामी है। अजय गोस्वामी मुरैना जिले के जौरा ग्राम का रहने वाला है। आरोप है कि चालक और मालिक ने सोची-समझी साजिश के तहत माल को गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही कहीं खपा दिया या डंप कर दिया है।
पुलिस का ढुलमुल रवैया, एफआईआर के बजाय केवल आवेदन'
इतनी बड़ी वारदात होने के बाद जब पीड़ित व्यापारी नीरज कुमार अग्रवाल नरवर थाने पहुंचे और आपबीती सुनाई, तो पुलिस का पुराना रवैया देखने को मिला। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करने के बजाय सिर्फ एक शिकायती आवेदन लेकर मामले को जांच में डाल दिया है। पुलिस की इस सुस्ती से नाराज व्यापारिक संगठनों में भी रोष पनप रहा है।

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