शिवपुरी। हिंदू पंचांग और मौसम के पौराणिक गणित के अनुसार नौतपा के दौरान पड़ने वाली भीषण गर्मी और तपन को आने वाले अच्छे मानसून का शुभ संकेत माना जाता है। लेकिन इस वर्ष प्रकृति का मिजाज कुछ अलग ही नजर आया, जिससे नौतपा पूरी तरह नहीं तप सका और बीच में ही खंडित हो गया। हालांकि,शिवपुरी जिले में नौतपा की शुरुआत बेहद आक्रामक रही थी और पहले चार दिनों तक क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी, जिससे आम जनजीवन बेहाल हो गया था। परंतु, पांचवें दिन सक्रिय हुए एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने सूर्यदेव के तेवरों को शांत कर दिया और शहर वासियों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत दी।
कहा पैदा हुआ यह तूफान और उसकी बहन बारिश
मध्य प्रदेश से 3500 किलोमीटर दूर स्थित प्रशांत महासागर से पैदा हुए विशाल दानव (सुपर एल नीनो) के कारण यह हुआ है। प्रशांत महासागर में उत्पन्न हुए सुपर एल नीनो ने मानसून का भी रास्ता रोक लिया है। इस कारण ही मध्यप्रदेश सहित शिवपुरी में मानसून इस बार लेट होने का अनुमान है या सीधे शब्दों में लिखा जाए तो मानसून समुद्र में रास्ता भटक गया है। यह बैमोसम बरसात केवल कुछ दिनो की हैं,लेकिन इस समुद्र में पैदा हुआ यह नीला दानव फिलहाल लोगो को इस नौतपा की भयंकर गर्मी में लोगों को राहत दे गया है। शिवपुरी जिले की बात करे तो नौतपे मे जहां अधिकतम पारा 44 क्रॉस कर गया था और अंतिम 5 दिनों में पारा 38 डिग्री से भी नीचे चला गया।
शिवपुरी के नोतपा,4 दिन तपे,5 दिन हुए ठंडे
शिवपुरी में नौतपा पूरा प्रभाव नहीं दिखा सका। शुरुआती चार दिनों तक सूर्य ने जमकर आग उगली और तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, लेकिन इसके बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। तेज आंधी, बादल और बारिश ने गर्मी के तेवर नरम कर दिए, जिससे लोगों को राहत मिली।
जानकारी के अनुसार 25 मई को सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ नौतपा की शुरुआत हुई थी। शुरुआती दो दिनों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि अगले दो दिनों में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। तेज धूप और लू के कारण दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा छा गया था तथा लोग घरों में रहने को मजबूर थे।
हालांकि नौतपा के पांचवें दिन से मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया। समुद्र मे सुपर एल नीनो के प्रभाव से आसमान में बादल छाने लगे और आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया। इसके चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई। नौतपा के अंतिम चार दिनों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे बना रहा, जिससे नौतपा का पारंपरिक प्रभाव टूट गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 30 मई से प्रदेश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण आंधी और बारिश की स्थिति बनी हुई है। शिवपुरी में भी रविवार की रात और सोमवार की सुबह बारिश हुई, जिसके बाद मंगलवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई इस गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली।
आगे भी राहत के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार आगामी सप्ताह में भी मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से 6 जून के आसपास कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।