Shivpuri News: ऑपरेशन तोप,चोरी के लिए नही संभवत: बांध को उड़ाने के लिए गायब की हैं ?

Lalit Mudgal
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शिवपुरी।
शिवपुरी जिले के नरवर नगर के किले से गायब हुई भारी भरकम तोप का पीछा कर रही पुलिस और मीडिया के समक्ष कई चौकाने वाले तथ्य समाने आ रहे है। प्रथम दृष्टया इस तोप को चुराने की मंशा तोप (400 साल पुरानी और 3.5 टन ) को बेचना नही था,बल्कि इसको चलाकर भयभीत करना था,सभंत:एक पुराने विवाद में बांध के पानी के लेकर चल रहे तीन पक्षा के आपसी संघर्ष मे राजस्थान के करौली जिले के विवादित पांचना बांध का उडना है ? इससे पूर्व भी इस बांध के पानी को लेकर खूनी सघंर्ष हो चुका है। 

शिवपुरी जिले की नरवर पुलिस ने इस मामले मे 2 संदिग्धे को राउंडअप किया है लेकिन अभी पुलिस तोप तक नही पहुंची है,उम्मीद है कि शिवपुरी से करौली तक की टोल बूध ओर सडको पर लगे कैमरो और मोबाइल नंबरो की डिजीटल डाटा का पीछा करते हुए पुलिस की जांच सही दिशा मे चल रही है,पुलिस किसी भी समय तोप तक पहुंच सकती है। 

मोबाइल डंप डेटा, 5 और 15 जुलाई की रात को नरवर किले पर 15-20 संदिग्ध मोबाइल नंबर एक्टिव पाए गए। पुलिस ने जब इन नंबरों को ट्रैक किया, तो इनकी लोकेशन सीधा करौली जिले के गांवड़ा मीणा गांव जाकर रुकी।

CCTV फुटेज और टोल नाके, इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि तोप लदी पिकअप के पीछे एक दर्जन से ज्यादा लोग सवार थे। यह गाड़ी शिवपुरी से निकलकर धौलपुर, मासलपुर, अरनिया-खरैटा होते हुए करौली पहुंची। रास्ते में चकमा देने के लिए रूट भी बदला गया और हिण्डौन सदर थाना क्षेत्र के गांवड़ा मीणा तक का सफर तय किया गया। इतनी बड़ी वारदात के बाद चोरों को लगा कि वे सुरक्षित निकल गए हैं, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और मीडिया इन्वेस्टिगेशन ने उनका भांडा फोड़ दिया। 

ऑपरेशन तोप, कैसे अंजाम दी गई यह महालूट ?
3.5 टन वजनी तोप को खिसकाना भी आम इंसान के बस की बात नहीं है, ऐसे में इसे 3 हज़ार फीट ऊंचे किले से नीचे कैसे लाया गया? इस 'मिशन' को दो चरणों में अंजाम दिया जाने के सुराग मिल रहे हैं। 

पहली नाकाम कोशिश (5 जुलाई की रात): तीन गाड़ियों (बोलेरो, स्विफ्ट और एक पिकअप) में सवार होकर 20-25 लोग नरवर किला पहुंचे। किले की कचहरी में रखी 14 ऐतिहासिक तोपों में से एक को उन्होंने अपना निशाना बनाया। उन्होंने तोप को 5-6 फीट तक खिसकाया भी, लेकिन भारी वजन के कारण उनके पसीने छूट गए। गार्ड्स की आहट मिलते ही चोर इसे वहीं छोड़कर फरार हो गए।

सफल और दुस्साहसिक वारदात (15 जुलाई की रात): चोरों ने हार नहीं मानी। 10 दिन बाद एक नई रणनीति और ज्यादा लोगों की फौज के साथ उन्होंने दोबारा किले पर धावा बोला। इस बार उनकी संख्या इतनी थी कि उन्होंने इस विशालकाय तोप को सफलतापूर्वक उठाया और पिकअप में लादकर वहां से रफूचक्कर हो गए।

क्या पांचना बांध विवाद से जुड़ी थी पूरी साजिश?
सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए कुछ लोगों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि तोप चोरी का उद्देश्य दूसरे पक्ष में भय पैदा करना था। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस ऐतिहासिक तोप का इस्तेमाल पांचना बांध को उड़ाने की धमकी देने या विवाद को हिंसक रूप देने के लिए तो नहीं किया जाना था।

गौरतलब है कि करौली जिले में पांचना बांध से पानी छोड़ने को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा है। प्रशासन ने हाल ही में बांध के गेट खोलने और पानी वितरण को लेकर कई दौर की बैठकों के बाद स्थिति संभाली थी। ऐसे में तोप चोरी और इस विवाद का संभावित संबंध जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम बिंदु बन गया है।

एक व्यक्ति की मौत लेकिन सरकारी आंकडे मे दर्ज नही 
पांचना बांध के इतिहास की ओर जाने पर एक अहम जानकारी मीडिया से मिल रही है कि पुलिस इस मामले को इतनी गंभीरता से इसलिए भी ले रही है क्योंकि 2007 में भी ऐसा ही एक खौफनाक प्रयास हो चुका है। पांचना बांध के पानी को लेकर 2006 से ही विवाद है। 2007 में खंडीप-मोहचा के बीच एक पक्ष ने बांध खोलने के लिए चढ़ाई का ऐलान कर दिया था। खौफ पैदा करने के लिए तब भी एक पुरानी तोप चलाई गई थी। लेकिन पुरानी होने के कारण तोप वहीं फट गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब एक बार फिर वही इतिहास दोहराए जाने का खतरा मंडरा रहा था।

अब आगे क्या?
शिवपुरी पुलिस की एक विशेष टीम फिलहाल करौली में डेरा डाले हुए है। गांवड़ा मीणा गांव के दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिन्होंने दूसरे पक्ष को डराने के लिए तोप चोरी की बात कबूल कर ली है।

हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है, आखिर वह 3.5 टन की तोप कहां है? 16 जुलाई को तोप गांव पहुंच चुकी थी, लेकिन उसे ज़मीन में गाड़ दिया गया है या कहीं और शिफ्ट कर दिया गया है, इसकी तलाश में पुलिस दिन-रात एक कर रही है। करैरा (शिवपुरी) के एसडीओपी प्रशांत शर्मा के अनुसार, जल्द ही इस ऐतिहासिक तोप को बरामद कर लिया जाएगा।








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