शिवपुरी। पिछोर में जमीन विवाद को लेकर हुई कथित मारपीट का मामला अब लूट के आरोप और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने के कारण चर्चा में है। व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेंद्र कुमार गुप्ता का आरोप है कि जमीन पर निर्माण के दौरान हथियारों से लैस लोगों ने उनके और उनके साथी के साथ मारपीट की, कार्यालय में रखा करीब साढ़े तीन लाख रुपए नकद और उनके गले से करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन ले गए। इतना ही नहीं, जिस गोदाम में घटना के कैमरे लगे थे, वहां से कथित तौर पर सीसीटीवी की डीवीआर भी ले जाने का आरोप है।
दूसरी ओर, पुलिस द्वारा दर्ज FIR में घटना का उल्लेख मारपीट और जमीन विवाद के रूप में है। पीड़ित का कहना है कि उसने पुलिस को नकदी और चेन ले जाने की बात भी बताई थी, लेकिन FIR में लूट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है।
पहले दोपहर में धमकी, शाम को लाठी-सरियों के साथ पहुंचने का आरोप
पिछोर थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी जमीन मजरा देवीपुरा, ग्राम गजौरा में स्थित है। इस जमीन को लेकर मोहन भट्ट पक्ष से विवाद चल रहा है और मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार पहले स्थगन आदेश और बाद में उनके पक्ष में आदेश भी पारित हुआ था।
नरेंद्र के अनुसार 14 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे वह उक्त जमीन पर निर्माण कार्य करा रहे थे। उस समय उनके पिता मोहनलाल गुप्ता, संजीव गुप्ता और अरविंद गुप्ता भी मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान मोहन भट्ट और दीपक भट्ट मौके पर पहुंचे और जमीन को अपना बताते हुए निर्माण नहीं करने की चेतावनी दी।
शिकायत के मुताबिक शाम करीब 4 बजे मोहन भट्ट, दीपक भट्ट, शिवम भट्ट, अशोक भट्ट, राजू भट्ट, शिवम गुप्ता सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। फरियादी ने आरोप लगाया कि उनके हाथों में लाठी-डंडे, लोहे के सरिये और सब्बल थे।
सिर पर सरिये से वार
FIR में नरेंद्र ने आरोप लगाया कि दीपक भट्ट ने लोहे के सरिये से उनके सिर के पीछे वार किया, जिससे चोट आई। इसके बाद नाक पर भी हमला किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है शिकायत के अनुसार नरेंद्र को जमीन पर पटकने और पेट्रोल डालने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है। उन्हें बचाने पहुंचे संजीव गुप्ता के सिर पर भी सरिये से वार किए जाने की बात रिपोर्ट में दर्ज है। इसके बाद अन्य आरोपियों द्वारा संजीव के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया। इस पूरी घटना में नरेंद्र और संजीव के घायल होने की बात शिकायत में कही गई है।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना, फिर डीवीआर ले जाने का आरोप
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि जिस स्थान पर कथित मारपीट हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। नरेंद्र की शिकायत के मुताबिक घटना कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी। आरोप है कि इसके बाद शिवम भट्ट गोदाम में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग वाली डीवीआर ही अपने साथ ले गया।
पीड़ित का दावा-कैश और सोने की चेन भी ले गए
नरेंद्र कुमार गुप्ता ने शिवपुरी समाचार डॉट कॉम से बातचीत में आरोप लगाया कि हमलावर कार्यालय में भी घुस आए थे। उनके मुताबिक कार्यालय में करीब साढ़े तीन लाख रुपए से भरा बैग रखा था, जिसे हमलावर उठा ले गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय उनके गले में करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन थी, जिसे भी कथित रूप से लूट लिया गया। पीड़ित का दावा है कि उसने थाने में पुलिस को घटना के दौरान नकदी और चेन ले जाने की जानकारी दी थी, लेकिन दर्ज मामले में इसे लूट के रूप में शामिल नहीं किया गया।
पुलिस की FIR और पीड़ित के आरोप में अंतर
मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पीड़ित द्वारा लगाए गए लूट के आरोप की जांच किस स्तर पर होगी और FIR में इसे शामिल क्यों नहीं किया गया। फिलहाल उपलब्ध FIR में जमीन विवाद, धमकी और मारपीट से जुड़े आरोप दर्ज हैं, जबकि पीड़ित बाद में नकदी और सोने की चेन ले जाने का आरोप लगा रहा है। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को भी शिकायत देने की बात कही है और लूट के आरोप की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

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