शिवपुरी। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के ग्राम नारही में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। खेत में खाद डालने के दौरान ट्रैक्टर पर बैठी 12 वर्षीय बालिका का संतुलन बिगड़ गया और वह चलते ट्रैक्टर से नीचे गिरकर पहिए की चपेट में आ गई। हादसा इतना भयावह था कि बालिका की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पिता के साथ खेत पर गई थी बेटी
जानकारी के अनुसार ग्राम नारही निवासी गजराज आदिवासी अपने खेत में ट्रैक्टर से खाद डालने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उनकी 12 वर्षीय बेटी काव्या आदिवासी भी ट्रैक्टर पर बैठी हुई थी। बताया जा रहा है कि काव्या के एक हाथ में पानी की बोतल थी। खेत में काम के दौरान अचानक ट्रैक्टर को झटका लगा, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संतुलन बिगड़ने के कारण बालिका का ट्रैक्टर पर पकड़ बनाए रखना मुश्किल हो गया और वह सीधे ट्रैक्टर के आगे की ओर गिर पड़ी। इससे पहले कि चालक ट्रैक्टर रोक पाता, वह पहिए के नीचे आ गई। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम बच्ची की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन शव को लेकर अमोला थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
ट्रैक्टर को थाने लाने की मांग पर अड़े परिजन
गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिजन और आदिवासी समाज के लोग शिला नगर रोड के पास एकत्र हो गए। उनका कहना था कि जिस ट्रैक्टर से दुर्घटना हुई, उसे पुलिस पहले थाने लाए और कार्रवाई की प्रक्रिया स्पष्ट करे। इसी मांग को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
करीब दो घंटे तक चले इस विरोध के कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और समाज के लोगों से चर्चा की तथा निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने विरोध समाप्त कर दिया और स्थिति सामान्य हो गई।
पुलिस कर रही जांच
अमोला थाना पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मासूम काव्या की असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। गांव में हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि कुछ क्षणों की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

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