पिछोर। जमीन बिक्री की रकम को लेकर हुए पारिवारिक विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया था। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के मायापुर थाना सीमा मे हुए इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश पिछोर राजेश कुमार अग्रवाल ने आरोपी रजवंत उर्फ राजा सिक्ख को अपनी मां और भाई की हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद एवं अर्थदंड से दंडित किया है। शासन की ओर से मामले की प्रभावी पैरवी अभियोजन अधिकारी अमित कुमार वर्मा ने की।
अभियोजन के अनुसार, घटना 7 अक्टूबर 2024 की सुबह करीब 7 बजे की है। फरियादी वयंत सिंह सिक्ख ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया था कि उसके चाचा रजवंत उर्फ राजा सिक्ख घर के आंगन में पहुंचे और अपने भाई दर्शन सिंह सिक्ख तथा मां दिलीप कौर से जमीन बिक्री की राशि में से हिस्सा मांगने लगे। आरोपी ने कहा कि उसे भैंस खरीदनी है और इसके लिए पैसों की जरूरत है।
इस पर दर्शन सिंह और दिलीप कौर ने उसे बताया कि जमीन बिक्री की राशि अभी प्राप्त नहीं हुई है। यह बात सुनते ही आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विवाद इतना बढ़ गया कि उसने पास में रखे फावड़े से अपने भाई दर्शन सिंह पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। फावड़े के गंभीर वार लगने से दर्शन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
भाई पर हमला होते देख मां दिलीप कौर बीच-बचाव के लिए पहुंचीं, लेकिन आरोपी ने उन पर भी कोई रहम नहीं दिखाया। उसने मां के गर्दन के पीछे फावड़े से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण दिलीप कौर ने भी घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। कुछ ही पलों में आरोपी ने अपने ही परिवार के दो सदस्यों की जान ले ली।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फावड़ा लेकर खेतों की ओर भाग गया। इस पूरी वारदात को फरियादी वयंत सिंह सिक्ख, उसकी मां बलविंदर कौर और पत्नी संगीता कौर ने अपनी आंखों से देखा था। तीनों ने न्यायालय में प्रत्यक्षदर्शी गवाह के रूप में बयान दिए।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को विश्वसनीय मानते हुए न्यायालय ने आरोपी रजवंत उर्फ राजा सिक्ख को हत्या के अपराध में दोषी ठहराया।
न्यायालय ने आरोपी को दोहरे हत्याकांड के मामले में आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत महसूस की और लंबे समय से चल रही न्याय की प्रतीक्षा पूरी हुई। यह मामला क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा था, जिसमें एक बेटे द्वारा अपनी ही मां और भाई की निर्मम हत्या ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था।

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