पिछोर। शिवपुरी जिले के पिछोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात बच्चा चोरी होने का मामला सामने आया है। इस खबर ने पिछोर के सरकारी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। मात्र डेढ़ घंटे के बच्चे को उसकी मॉ के पलंग से एक महिला बच्चे को उठाकर अस्पताल की गैलरी तक पहुंच गई थी,लेकिन नवजात की मौसी ने इस महिला को पकड लिया और यह बच्चा बच गया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और सवाल उठाए कि आखिर कोई अज्ञात महिला इतनी आसानी से प्रसूति वार्ड तक कैसे पहुंच गई और नवजात को लेकर बाहर कैसे निकल गई।
जानकारी के अनुसार, पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम रही निवासी सपना जाटव उम्र 28 साल पत्नी रामकिशन जाटव ने गुरुवार रात करीब 2:30 बजे एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के बाद अस्पताल स्टाफ ने मां और नवजात को महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया था। परिवार के सदस्य भी अस्पताल में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि करीब 4 बजे एक बुजुर्ग महिला वार्ड में पहुंची। उसने वहां मौजूद लोगों को खुद को बच्ची की रिश्तेदार बताया और नवजात को गोद में उठा लिया। किसी को संदेह नहीं हुआ और वह बच्ची को लेकर वार्ड से बाहर निकल गई।
मौसी की सतर्कता से बची बच्ची
प्रसूता की बहन रुचि जाटव ने बताया कि डिलीवरी के बाद वह कुछ जरूरी सामान लेने के लिए वार्ड से बाहर चली गई थीं। जब वह वापस लौटीं तो पास बैठी एक महिला ने बताया कि एक बुजुर्ग महिला खुद को बच्ची की दादी बताकर नवजात को लेकर बाहर गई है।
रुचि को यह सुनकर आश्चर्य हुआ, क्योंकि अस्पताल में बहन के साथ वही मौजूद थीं और परिवार का कोई अन्य सदस्य वहां नहीं था। ऐसे में बच्ची को लेकर जाने वाली महिला कौन है, यह सवाल उनके मन में उठा। उन्होंने बिना देर किए वार्ड और अस्पताल की गैलरी में तलाश शुरू की।
कुछ ही दूरी पर उन्हें वह बुजुर्ग महिला बच्ची के साथ दिखाई दे गई। रुचि ने तत्काल महिला से नवजात को वापस लिया और सुरक्षित वार्ड में पहुंचाया। यदि कुछ मिनट और देर हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
अस्पताल की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। परिजनों का कहना है कि प्रसूति वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बाहरी व्यक्ति का आसानी से प्रवेश करना और नवजात को लेकर बाहर निकल जाना चिंताजनक है। सवाल यह भी उठ रहा है कि रात के समय वार्ड में सुरक्षा कर्मियों और अस्पताल स्टाफ की निगरानी कितनी प्रभावी थी।
पांचवीं बार बेटी की मां बनी सपना
परिवार के अनुसार सपना जाटव पहले से चार बेटियों की मां हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी करीब 10 वर्ष की है। इस बार भी उन्होंने पांचवीं संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया है। बच्ची और मां दोनों स्वस्थ हैं।
पुलिस ने बताया- मानसिक रूप से बीमार है महिला
मामले को लेकर पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच की। पूछताछ में पता चला कि बच्ची को लेकर जाने वाली बुजुर्ग महिला गूगरी गांव की रहने वाली है और मानसिक रूप से बीमार बताई जा रही है। वह भोजन की तलाश में अस्पताल पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में बच्चा चोरी जैसी कोई साजिश या आपराधिक मंशा सामने नहीं आई है।
हालांकि घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही मामला बच्चा चोरी का न हो, लेकिन नवजात वार्ड तक किसी अज्ञात व्यक्ति का पहुंच जाना और बच्ची को लेकर बाहर निकल जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

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