शिवपुरी। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक दिन-प्रतिदिन भयावह रूप लेता जा रहा है। हालात यह हैं कि शहर का कोई भी कोना अब सुरक्षित नहीं बचा है। हर रोज किसी न किसी गली, मोहल्ले अथवा घर के बाहर आवारा कुत्ते बच्चों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। इस आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज चार महीनों के भीतर इन आवारा कुत्तों ने 1510 लोगों को काट कर जख्मी किया है। यह वह आंकड़ा है जो इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे हैं। इसके अलावा सैकड़ों लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाया है।
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा दहशत
जिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के मुताबिक, डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) के सर्वाधिक मामले शहर के कुछ खास इलाकों से सामने आ रहे हैं। इनमें पुरानी शिवपुरी, कमलागंज, लालमाटी, लुधावली, सईसपुरा, तलैया मोहल्ला और गौशाला क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में शाम ढलते ही सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है।
आबादी नियंत्रण के लिए शुरू होगा एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर
इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका अब धरातल पर काम करने की तैयारी में है। शहर के कांजी हाउस में जल्द ही एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर शुरू होने जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, नगर पालिका ने कुत्तों की नसबंदी के लिए जबलपुर की मां दुर्गे एनिमल एंड ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी को टेंडर दे दिया है। इस सेंटर में आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जाएगी, जिससे उनकी बढ़ती आबादी पर रोक लग सकेगी। नसबंदी और जरूरी प्रक्रिया के बाद कुत्तों को वापस उसी इलाके में छोड़ दिया जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
स्वास्थ्य निरीक्षक का दावा, 15 दिन में कमियां पूरी कर शुरू होगा सेंटर
कांजी हाउस में बन रहे एबीसी सेंटर को लेकर जब नगर पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक योगेश शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि नगर पालिका ने अपनी ओर से लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अनुबंध संस्था के डॉक्टरों ने भी सेंटर का निरीक्षण कर लिया है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन रूम में टाइल्स लगवाने, चौकीदार के लिए एक अतिरिक्त कमरा तैयार करने और बाउंड्री वॉल पर तार फेंसिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इन बचे हुए कामों के लिए टेंडर बुलाए गए हैं, जो अगले दो-तीन दिन में खुल जाएंगे। इसके बाद काम शुरू होगा और अधिकतम 15 दिनों के भीतर कमियों को पूरा कर एबीसी सेंटर को लाइव (शुरू) कर दिया जाएगा।
सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्देश
अदालत ने स्थानीय प्रशासन को आवारा कुत्तों के प्रबंधन और जनता की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने के निर्देश दिए हैं।
नसबंदी और टीकाकरण, सर्वोच्च न्यायालय के अगस्त 2025 (संशोधित) के हालिया फैसले के तहत, आक्रामक और रेबीज ग्रस्त कुत्तों को छोड़कर, सामान्य कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण (एबीसी नियम 2023) के बाद उन्हें उसी इलाके में वापस छोड़ा जाए। उन्हें हमेशा के लिए शेल्टर होम में नहीं रखा जा सकता।
सार्वजनिक स्थलों पर पाबंदी:कोर्ट के 7 नवंबर 2025 के आदेश के अनुसार, स्कूल, अस्पताल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाकर शेल्टर में रखा जाना चाहिए, उन्हें वापस वहां नहीं छोड़ा जा सकता।
भारी आक्रोश के बाद एक्शन, तीन दिन में पकड़े 36 आवारा कुत्ते
शिवपुरी में पिछले दो दिनों के भीतर अचानक करीब 70 लोगों को कुत्तों द्वारा काटे जाने के बाद जनता में भारी आक्रोश था, जिसके बाद नगर पालिका ने पकड़ो अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में 30 मई को 05 कुत्ते पकड़े गए,31 मई के दिन 13 कुत्ते पकड़े गए और 1 जून वाले 18 कुत्ते पकड़े गए। स्वास्थ्य निरीक्षक योगेश शर्मा ने बताया कि इन तीन दिनों में कुल 36 आवारा कुत्तों को पकड़ा गया है। नगर पालिका की ट्रॉली के माध्यम से इन सभी कुत्तों को शहर से दूर अमोला के आगे जंगलों में सुरक्षित छोड़ा जा रहा है।

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