शिवपुरी में प्रतिमाओ की सियासत पर कलेक्टर का शिकंजा, बिना अनुमति स्थापना और निर्माण पर रोक

vikas
0
shivpuri-samachar

शिवपुरी।
शिवपुरी जिले में महापुरुषों की प्रतिमाओं को लेकर होने वाली राजनीति और सार्वजनिक स्थलों पर रातों-रात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की घटनाओं पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। विशेष रूप से पिछोर और करैरा विधानसभा क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना की लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जिले भर में सार्वजनिक एवं शासकीय भूमि पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना और उससे जुड़े निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

जिला प्रशासन का मानना है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया के प्रतिमाएं स्थापित किए जाने से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। कई बार ऐसे मामलों में सामाजिक और राजनीतिक विवाद भी जन्म लेते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है।

जिले भर में लागू रहेगा आदेश
जारी आदेश के अनुसार शिवपुरी जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में किसी भी सार्वजनिक स्थल, शासकीय भूमि, नजूल भूमि, स्थानीय निकायों की भूमि, सड़क, चौराहे, पार्क, उद्यान या अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी ऐतिहासिक, राजनीतिक, सामाजिक व्यक्तित्व, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अथवा अन्य व्यक्ति की प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकेगी।

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति, संगठन या समूह अपने स्तर पर प्रतिमा स्थापना का कार्य नहीं कर सकेगा।

चबूतरे और मंच बनाने पर भी रोक
कलेक्टर के आदेश में केवल प्रतिमा स्थापना ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े सभी प्रकार के निर्माण कार्यों को भी प्रतिबंधित किया गया है। प्रतिमा लगाने के उद्देश्य से चबूतरा, मंच, प्लेटफॉर्म, स्मारक, आधार संरचना या किसी भी प्रकार का स्थायी अथवा अस्थायी निर्माण बिना अनुमति नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रतिमा अथवा उससे संबंधित सामग्री को सार्वजनिक या शासकीय भूमि पर रखे जाने पर भी रोक लगाई गई है।

कब्जा, घेराबंदी और आयोजन भी प्रतिबंधित
आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रतिमा स्थापना के नाम पर किसी भूमि पर कब्जा करना, घेराबंदी करना, निर्माण सामग्री एकत्रित करना या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई संस्था या संगठन प्रतिमा स्थापित करना चाहता है तो उसे संबंधित विभागों और सक्षम प्राधिकारी से विधिवत अनुमति प्राप्त करनी होगी।

शिलान्यास और अनावरण कार्यक्रम भी अनुमति से ही
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिमा स्थापना से जुड़े शिलान्यास, अनावरण, लोकार्पण या अन्य समारोह बिना अनुमति आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से आदेश का पालन करने की अपील की है।

उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्यों अहम है यह फैसला 
शिवपुरी जिले में बीते वर्षों के दौरान कई स्थानों पर बिना अनुमति महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने के मामले सामने आए हैं। कई बार इन घटनाओं ने राजनीतिक रंग भी लिया और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। ऐसे में जिला प्रशासन का यह फैसला न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि सार्वजनिक और शासकीय भूमि पर होने वाले अतिक्रमण को रोकने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। अब जिले में किसी भी महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!