शिवपुरी। शिवपुरी के कुछ लोग आज जब अचभिंत हुए जब शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के नाम से बनी फैसबुक की आई से मैसेस आना शुरू हुए। मैसस मे कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अपने मित्र के विषय मे बताया,उसके बाद इस आईडी से ठगी का जाल फैका गया,लेकिन पब्लिक समझ गई और कलेक्टर अर्पित वर्मा की फर्जी आई बनी होने का अभास हुआ।
साइबर ठगों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को ठगने का प्रयास किया। ठग खुद को प्रशासनिक अधिकारियों का करीबी बताकर सस्ते दामों में फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने का लालच दे रहे हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब शिवपुरी जनपद के लालगढ़ निवासी प्रमोद रावत के पास अर्पित वर्मा IAS नाम की फेसबुक आईडी से मैसेंजर पर संदेश पहुंचे। शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन धीरे-धीरे ठगों ने अपना जाल बुनना शुरू कर दिया।
पहले दोस्ती, फिर भरोसा और उसके बाद ठगी का खेल
फर्जी आईडी से प्रमोद रावत का मोबाइल नंबर मांगा गया। इसके बाद संदेश भेजकर बताया गया कि कलेक्टर का एक मित्र संतोष कुमार, जो सीआरपीएफ कैंप में पदस्थ है, जल्द ही उनसे संपर्क करेगा। ठगों ने कहानी गढ़ी कि अधिकारी का तबादला हो गया है और वह अपना घरेलू सामान बेहद कम कीमत पर बेचना चाहता है। कुछ देर बाद प्रमोद रावत के व्हाट्सएप पर 87210 67056 नंबर से संदेश आया। संदेश की शुरुआत देशभक्ति के अंदाज में जय हिंद, जय भारत से की गई, ताकि सामने वाले का विश्वास आसानी से जीता जा सके।
90 हजार में बेड, फ्रिज, लैपटॉप और सोफा बेचने का लालच
व्हाट्सएप पर भेजे गए संदेशों में बेड, फ्रिज, लैपटॉप, सोफा और अन्य घरेलू सामानों की तस्वीरें भेजी गईं। ठगों ने दावा किया कि यह सभी सामान केवल तीन महीने पुराने हैं और उन पर पांच साल तक की गारंटी-वारंटी भी उपलब्ध है। सबसे बड़ा लालच कीमत को लेकर दिया गया। लाखों रुपए मूल्य के सामान को महज 90 हजार रुपए में देने की बात कही गई। आशंका है कि सामान खरीदने के नाम पर लोगों से अग्रिम राशि जमा कराने के बाद ठगी को अंजाम दिया जाता।
जिले के कई लोगों तक पहुंचे संदेश
जानकारी के अनुसार यह साइबर गिरोह केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि जिले के कई लोगों को इसी तरह के संदेश भेज चुका है। ठग प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान का नाम लेकर भरोसा पैदा करते हैं और फिर लोगों को सस्ते सामान का लालच देकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।
हजार दोस्तों वाली फर्जी प्रोफाइल, असली प्रोफाइल से मिलती-जुलती पहचान
बताया जा रहा है कि कलेक्टर अर्पित वर्मा के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक प्रोफाइल कुछ दिन पहले ही तैयार की गई है। हैरानी की बात यह है कि इस प्रोफाइल से करीब एक हजार लोग जुड़ चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या शिवपुरी जिले के लोगों की बताई जा रही है। वहीं कलेक्टर की आधिकारिक फेसबुक प्रोफाइल पर 15 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। इसी समानता का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
साइबर सेल में शिकायत, जांच शुरू
मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रियंका शर्मा ने बताया कि फर्जी फेसबुक आईडी और ठगी के प्रयास की शिकायत साइबर सेल शाखा में दर्ज करा दी गई है। पुलिस अब आईडी संचालित करने वाले लोगों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
प्रशासन की अपील: अनजान लिंक और ऑफर से रहें सावधान
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधी अब ठगी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अधिकारी, सैन्यकर्मी या सरकारी कर्मचारी के नाम से आने वाले संदेशों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि जमा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।

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