शिवपुरी। सात साल पहले जिस रिश्ते की शुरुआत सात फेरों और साथ निभाने के वादों के साथ हुई थी, वह अब महिला थाना और एफआईआर तक पहुंच गई है। वन विभाग में पदस्थ फॉरेस्ट कर्मी विकास खत्री के खिलाफ उनकी पत्नी एकता खत्री ने दहेज प्रताड़ना, मारपीट और घर से निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता एकता खत्री ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी 8 मार्च 2019 को विकास खत्री से हुई थी। विवाह के शुरुआती दिनों में दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद पति का व्यवहार बदलने लगा। एकता के अनुसार, विकास खत्री उन्हें बार-बार यह कहकर अपमानित करता था कि उनके मायके वालों ने शादी में कुछ नहीं दिया। वह ताने देता था कि यदि उसकी शादी किसी अन्य परिवार में होती तो उसे लाखों रुपये का दहेज मिलता।
महिला का आरोप है कि पति लगातार उनसे पांच लाख रुपये लाने की मांग करता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। समय के साथ विवाद इतना बढ़ गया कि करीब आठ महीने पहले उसे घर से निकाल दिया गया। तब से वह अपने दो बच्चों के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूर है।
एकता खत्री ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उनके पति का संपर्क एक अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत एक अन्य महिला से है और वह उससे शादी करना चाहते हैं। इसी कारण वह उन्हें अपने साथ रखने से लगातार इंकार कर रहे हैं।
पीड़िता का कहना है कि उसने कई बार परिवार और रिश्तेदारों के माध्यम से समझौते और सुलह का प्रयास किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। पति न तो उन्हें वापस घर लाने के लिए तैयार हुए और न ही दहेज की मांग से पीछे हटे। आखिरकार परेशान होकर उन्होंने महिला थाना पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
महिला थाना पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विकास खत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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