शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा की शिकायत अब क्षेत्रीय सांसद और केन्द्रीय मंत्री तक पहुंच चुकी है। इससे पूर्व इस पीड़ित परिवार ने शिवपुरी एसपी को टीआई सुरेश शर्मा की स्मैक कांड की शिकायत की थी,पूरे सीसीटीवी फुटेज सौंपने के बाद अभी तक इस मामले की जांच शुरू नहीं हुई है,मीडिया में दिए गए बयान में एसपी शिवपुरी ने कहा था कि इस मामले की जांच कराऐगें।
बैराड थाना प्रभारी ने पीडित युवक को मंदिर से गिरफ्तार करने का दावा किया था वही युवक की पत्नी ने घर मे लगे कैमरो की रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक कर दिया कि पुलिस ने घर मे घुसकर उसके पति का गिरफ्तार किया है और घर से 90 हजार भी ले गए,पुलिस ने युवक से स्मैक बरामद की है तो सवाल यह भी उठता है कि अब स्मैक कहां से आई। कुल मिलाकर बैराड पुलिस की इस कार्यवाही से शिवपुरी जिले के सभी थानों की पुलिस के प्रेस नोट पर पत्रकारों की निगाहे संदिग्ध हो चुकी है।
बैराड़ में निवास करने वाली रजनी ओझा ने सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय मे सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया है कि 28 मई 2026 की शाम करीब 8 बजे तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उनके पति ब्रजेश उर्फ छोटू ओझा को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए अपने साथ ले गए। रजनी का कहना है कि उस समय घर में गेहूं बिक्री से प्राप्त 90 हजार रुपए नकद रखे थे, जिन्हें भी पुलिस अपने साथ ले गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में पुलिस ने उनके पति के खिलाफ स्मैक बरामदगी का मामला दर्ज कर दिया। जबकि पुलिस का दावा है कि आरोपी को ठाकुर बाबा मंदिर के पास से पकड़ा गया था। रजनी ओझा का कहना है कि उनके घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और फुटेज की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति किसी अवैध कारोबार में शामिल नहीं हैं और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। इस शिकायत मे रजनी ओझा ने अपने घर के कैमरो की रिकॉर्डिंग भी अपने आवेदन के साथ सौंपाी है।
परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी का आरोप
रजनी ओझा ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि पुलिसकर्मियों द्वारा परिवार के अन्य सदस्यों को भी झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि पूर्व में भी उनके पति को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता रहा है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को भी शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भाई ने लगाया रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप
इसी मामले में ब्रजेश ओझा के बड़े भाई गिर्राज ओझा ने भी सिंधिया कार्यालय में अलग से आवेदन देकर बैराड़ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गिर्राज का कहना है कि उनकी भाभी द्वारा पुलिस के खिलाफ शिकायत किए जाने के बाद पुलिस उन्हें और उनके भाई को अपराधी साबित करने तथा सामाजिक रूप से बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
गिर्राज ओझा के अनुसार पुलिस द्वारा तैयार किए गए आपराधिक रिकॉर्ड में कई ऐसे मामलों को भी लंबित दर्शाया गया है, जिनमें न्यायालय पहले ही दोषमुक्त कर चुका है। उनका कहना है कि ब्रजेश ओझा को प्रकरण क्रमांक 423/2023, 229/2024 तथा 389/2024 में न्यायालय से राहत मिल चुकी है, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में इनकी वास्तविक स्थिति नहीं दिखाई गई। इसी प्रकार गिर्राज ओझा का दावा है कि उन्हें भी प्रकरण क्रमांक 79/2020 और 23/2021 में न्यायालय द्वारा दोषमुक्त किया जा चुका है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में अभी भी भ्रामक जानकारी दर्ज है।
निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
दोनों शिकायतकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने घर की सीसीटीवी फुटेज, पुलिस कार्रवाई और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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