शिवपुरी। जिले के दिनारा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सिनदउआ गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। भैंस चराने गए दो चचेरे भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव तालाब से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिनदउआ गांव निवासी 11 वर्षीय अनिकेत पाल और 12 वर्षीय शिवकुमार पाल रविवार सुबह घर से भैंस चराने के लिए निकले थे। दोनों बच्चे रोजाना की तरह गांव के बाहर स्थित तालाब के आसपास भैंस चराने गए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब दोनों बच्चे घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू कर दी।
तालाब किनारे मिले कपड़े, बढ़ी आशंका
परिजन बच्चों की खोज करते हुए तालाब के पास पहुंचे, जहां उन्हें दोनों बच्चों के कपड़े और अन्य सामान पड़ा मिला। यह देखकर परिजनों की आशंका गहरा गई कि कहीं बच्चे तालाब में तो नहीं डूब गए। इसके बाद तत्काल दिनारा थाना पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से तालाब में तलाश अभियान शुरू कराया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव तालाब से बरामद कर लिए गए। बच्चों के शव मिलते ही मौके पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
नहाने के दौरान हुआ हादसा होने की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि भैंस चराने के दौरान दोनों बच्चे तालाब में नहाने या पानी के नजदीक चले गए होंगे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया या वे गहरे पानी में चले गए, जिससे दोनों की डूबने से मौत हो गई। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों की एक साथ मौत की खबर से पूरे सिनदउआ गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बच्चे बेहद मिलनसार और चंचल स्वभाव के थे। हादसे के बाद से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर किसी की आंखें नम हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
दिनारा थाना पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर जलाशयों और तालाबों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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