एक्सरे ललित मुदगल @ शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के वित्तीय अधिकार शून्य होने की खबर मिल रही है,हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है,लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि नगर पालिका अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार शून्य होने की पटकथा भोपाल से लेकर दिल्ली तक लिखी जा चुकी है,अब 16 जून को मध्यप्रदेश शासन नगर पालिका अध्यक्ष शिवपुरी के वित्तीय अधिकार शून्य होने के आदेश कर सकता है।
रविवार को लिया गया पार्षदों का मन
शहर के एक निजी होटल में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव ने की। बैठक का घोषित उद्देश्य शहर विकास पर चर्चा बताया गया, लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष की अनुपस्थिति रही थी। चर्चा थी शहर के विकास को लेकर,लेकिन पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के साथ काम करने को तैयार नहीं थे। भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव ने इस बैठक का निर्णय कि पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के साथ काम करने को तैयार नही है,दिल्ली दरबार मे भेज दिया गया था।
पार्षदों को बुलाया गया दिल्ली दरबार में
शिवपुरी नगर पालिका के पार्षद आज क्षेत्रीय सांसद और भारत सरकार के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ दिल्ली के संचार भवन में बैठक की। इस बैठक में 25 पार्षद पहुंचे थे। पार्षदों ने अपनी बात खुलकर रखी थी। वहां से पार्षदों को ग्रीन सिग्नल मिला है कि अब आपकी परेशानी खत्म होगी।
शहर मे होना है 22 करोड़ का विकास
शिवपुरी शहर में 22 करोड़ रुपए के विकास का प्लान तैयार है,यह फंड क्षेत्रीय सांसद और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शहर के विकास को लाकर दिया हैं,नगर पालिका की आपसी खींचतान मे सिंधिया का विकास प्लान साकार नही हो सकता था। बताया जा रहा है सिंधिया नही चाहते थे कि उनके विकास मे नगर पालिका की अंदरूनी कलह बाधा बने। इसलिए इस फंड के खर्च और विकास को देखरेख करने की एक समिति भी बनाने का भी समाचार मिल रहा है।
भोपाल में कलेक्टर रविंद्र चौधरी की जांच का निर्णय
जानकारों का मानना है कि शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा की पार्षद के द्वारा जो भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी,इन शिकायतो की जांच कलेक्टर शिवपुरी रविन्द्र चौधरी ने की थी,यह जांच सिद्ध थी और भोपाल भेज दी गई थी। इस जांच पर 16 जून को निर्णय होना है इसलिए माना जा रहा है कि 16 जून को मध्यप्रदेश शासन शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार शून्य कर सकता है।
वित्तीय अधिकार शून्य क्यो,पद से टर्मिनेट क्यो नही
इस पूरी खबर को पढ़कर आपके मन मे एक सवाल पैदा हो रहा होगा,जब शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा की भ्रष्टाचार की जांच सिद्ध हो चुकी है तो पद से हटाने की कार्यवाही मध्यप्रदेश शासन क्यो नही कर सकती है। इस मामले में जानकारों का मानना है कि मध्यप्रदेश में जितने भी नगर पालिका अध्यक्ष हटाए गए है उनको न्यायालय में राहत मिल गई है,इस कारण अब शासन निकाय के अध्यक्ष को पद से नही हटा रहा,वही नगर पालिका अध्यक्ष को हटाने के बाद नगर पालिका उपाध्यक्ष को चार्ज देना पड़ता है इस कारण फिर एक नया विवाद खड़ा होता है।
वित्तीय अधिकार शून्य करने से नगर पालिका अध्यक्ष का पद स्वत:ही प्रभाव विहीन हो जाता है। नगर पालिका अध्यक्ष न्यायालय नही जा पाता है। इसलिए यह तय माना जा रहा है कि आने वाली 16 जून को शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के वित्तीय अधिकार शून्य हो सकते है।

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