शिवपुरी। शहर इन दिनों भीषण गर्मी की गिरफ्त में है। नौतपा के तीसरे दिन मंगलवार को तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। दिन ऐसा तप रहा था मानो पूरा शहर भट्टी में बदल गया हो, वहीं रातें भी तवे जैसी गर्म महसूस हो रही हैं। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है। हालत यह है कि दोपहर 11 बजे के बाद बाजारों में ऐसा सन्नाटा छा जाता है जैसे शहर में लॉकडाउन लगा हो।
शिवपुरी के व्यापार पर इस भीषण गर्मी का सीधा असर दिखाई देने लगा है। जो बाजार पहले सुबह से रात तक करीब 10 घंटे गुलजार रहता था, वह अब महज 3 घंटे की दुकानदारी तक सिमट गया है। व्यापारी बताते हैं कि दोपहर में ग्राहक पूरी तरह गायब हो जाते हैं और बाजार में रौनक केवल शाम 5 बजे के बाद लौटती है।
व्यापार पर गर्मी की सीधी चोट
शहर के कपड़ा, किराना, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक्स और जनरल स्टोर्स संचालकों का कहना है कि इस बार गर्मी ने कारोबार की कमर तोड़ दी है। दोपहर में लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं, जिससे बाजारों में खरीदारों की संख्या तेजी से घटी है।
व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक लगातार ग्राहक आते थे, अब दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक दुकानें लगभग खाली रहती हैं। कई दुकानदार तो इस दौरान दुकान बंद कर आराम करने लगे हैं क्योंकि बिजली बिल और कर्मचारियों का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंडे जूस, आइसक्रीम और कुल्फी वालों पर उमड़ रही भीड़
जहां एक ओर सामान्य व्यापार मंदा पड़ा है, वहीं इस मौसम में चलने वाले कारोबारियों की बिक्री बढ़ गई है। शहर के जूस सेंटर, शिकंजी स्टॉल, गन्ने के रस की दुकानें, आइसक्रीम और कुल्फी पार्लरों पर शाम होते ही भीड़ उमड़ रही है।
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ठंडे उत्पादों की बिक्री 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ी है। शाम के समय परिवारों और युवाओं की सबसे ज्यादा भीड़ कुल्फी और आइसक्रीम पार्लरों पर दिखाई दे रही है।
अधिक मास ने भी बाजार की रफ्तार धीमी की
व्यापारियों के अनुसार इस बार अधिक मास का असर भी बाजार पर दिखाई दे रहा है। धार्मिक मान्यताओं के कारण लोग नए सामान, कपड़े और अन्य खरीदारी टाल रहे हैं। ऊपर से भीषण गर्मी ने लोगों की बाजार जाने की इच्छा भी खत्म कर दी है।
ऐसे में व्यापार पर दोहरी नहीं बल्कि तिहरी मार पड़ रही है- एक ओर अधिक मास, दूसरी ओर तपती गर्मी और तीसरी ओर लगातार युद्ब के कारण ढ़ती महंगाई। खाद्य पदार्थों से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक के दाम बढ़ने से लोग जरूरत भर की खरीदारी ही कर रहे हैं।
रातें भी दे रहीं बेचैनी
दिन की झुलसाने वाली गर्मी के बाद रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही। न्यूनतम तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच बना हुआ है। हवा में नमी अधिक होने से उमस बढ़ गई है, जिससे कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं। कई इलाकों में लोग देर रात तक घरों की छतों और गलियों में टहलते नजर आते हैं। बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती लोगों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। जिन क्षेत्रों में बार-बार बिजली जा रही है, वहां लोगों का हाल और भी खराब है। बिजली जाते ही कूलर-पंखे बंद हो जाते हैं और घर भट्टी जैसे महसूस होने लगते हैं।
लोगों का कहना है कि इस गर्मी में थोड़ी राहत सिर्फ बिजली से मिलने वाले साधनों से ही संभव है, लेकिन कटौती ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। शिवपुरी में फिलहाल मौसम का यह रौद्र रूप लोगों के साथ-साथ व्यापारियों की धड़कन भी बढ़ा रहा है।

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