शिवपुरी। शिवपुरी जिले में पिछले मंगलवार से दूधियाओं की हड़ताल जारी हैं,बता दें कि हड़ताल होने कारण दूध पर 10 रुपए प्रति लीटर दूध के दाम बढ़ाने को लेकर की जा रही हैं आज हड़ताल का तीसरा दिन हैं और अभी भी जिले से लगभग 1000 हजार से ज्यादा दूधिया चिंताहरण मंदिर पर मीटिंग में लगे हुए हैं। इसके साथ ही दरियाओं का कहना हैं कि हम दूध पर मात्र 10 रुपये बढ़ाना चाहते हैं, क्योंकि महंगाई इतनी ज्यादा बढ़ गई हैं कि हम अपने पशुओं को खिलाने के लिए चारा भी मोल लेना पड़ता हैं जिसकी कीमत भी बढ़ी हुए हैं ऐसे में हम दूधिए कैसे अपने बच्चों को पालेंगे, हमे अब इस रेट मे पडता नही पड रहा है।
शहर में हर रोज करीब 40 हजार लीटर दूध की खपत होती है। यह दूध 1200-1300 दूधिए जो कि शहर के आसपास मौजूद ग्रामों से लेकर आते है। मंगलवार को इन दूधियों ने मिलकर शहर के चारों तरफ नाके बनाकर शहर में आने वाले दूध को दूध बाहर ही रोक दिया। इससे शहर में डेयरी चलाने वाले दुकानदारों पर दूध नहीं आ पाया। शहर में करीब एक सैकड़ा से अधिक छोटे-बड़े डेयरी संचालक है। हालांकि इनमें से कुछ डेयरी वाले तो गांव व तहसीलों में जाकर गुपचुप तरीके से दूध लेकर आ गए।
55 से 65 बढ़ाने में लगे दूधिया
दूधियों के नेता कोक सिंह गुर्जर व मुकेश गुर्जर का कहना है कि इस समय गर्मी के मौसम में पशु दूध कम दे रहे हैं और चारे के साथ पशुओं को जो पीना दिया जाता है वह भी महंगा हो गया है। ऐसे में 50 रुपए लीटर में खर्चा नहीं निकल पा रहा है, इसलिए दूध के दाम बढ़ाकर 60 रुपए प्रति लीटर दिए जाए। हालांकि डेयरी संचालक 60 रुपए की जगह 55 रुपए प्रति लीटर देने को तैयार हैं, लेकिन अभी तक दूधियों व डेयरी संचालकों के बीच सहमति नहीं बनी है। ऐसे में यह हड़ताल आगे भी होने की आशंका है।
शहर में दूध की ज्यादा किल्लत होने से लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा हैं बताया जा रहा है वहीं बताया जा रहा हैं कि शहर में अमूल व सांची जैसी कंपनियों पर भी दूध की कमी हो रही हैं, आज सुबह से ही कहीं पर भी लोगों को दूध नहीं मिला। वहीं दूधियाओं का कहना हैं कि डेयरी संचालक जनता को पता नहीं कहां से मंगवा मंगवा कर दूध बेच रहे हैं, सुनने में आ रहा हैं कि दूध में केमीकल और पाउडर मिलाकर दूध को बेचा रहा हैं, अगर ऐसे में कोई भी व्यक्ति,बड़ा,बूढ़ा, बच्चा बीमार पड़ता है तो इसके जिम्मेदार यह डेयरी संचालक ही होंगे ना कि हम दूधिया।
200 ग्राम मावे के दे रहे है 50 रुपए लीटर
इधर दूध डेयरी संचालक आनंद राठौर ने बताया कि दूधिए उनको एक लीटर दूध में 200 ग्राम मावे के हिसाब से दूध देते हैं। इसके हम 50 रुपए प्रति लीटर के दाम देते हैं। जबकि दूध में 250 ग्राम मावा निकलता है। अगर यह दूधिए 250 ग्राम मावे के हिसाब से दूध देंगे तो एक लीटर दूध का दाम अपने आप 60 रुपए नहीं बल्कि 63 रुपए हो जाता है, लेकिन यह दूधिए सही दूध नहीं लाते और बड़ी कंपनियों की जो डेयरी है, वहां पर कम दामों में ही दूध दे आते हैं। अगर यह हम लोगों को सही दूध दें तो इनको भी सही दाम मिलेंगे और हम भी ग्राहकों को उचित दामों में दूध बेच पाएंगे।

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