शिवपुरी। शिवपुरी शहर के पोहरी रोड पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज को लेकर मंगलवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस ओवरब्रिज का काम अचानक बंद कर दिया गया। ठेकेदार कंपनी ने सिद्धिविनायक अस्पताल के संचालक डॉ. सुनील तोमर और उनके साथियों पर कर्मचारियों के साथ मारपीट और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि निर्माण कार्य की वजह से मरीजों और एंबुलेंस को लगातार परेशानी हो रही है।
Dr. Sunil Tomar, Director of Siddhivinayak Hospital vs Shubham Gupta, Contractor at Shubham Construction, Shivpuri
घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और निर्माण कंपनी के कर्मचारी सीधे कोतवाली पहुंचे। कर्मचारियों ने लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन देर शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से नाराजगी बनी रही।
बैरिकेड हटाने से शुरू हुआ विवाद
शुभम कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार शुभम गुप्ता के मुताबिक सोमवार शाम करीब 7:45 बजे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान कुछ लोगों ने निर्माण स्थल पर लगाए गए बैरिकेड हटाकर रास्ता खोल दिया। कर्मचारियों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो बहस शुरू हो गई।
आरोप है कि कुछ देर बाद डॉ. सुनील तोमर अपने साथियों वसीम खान, अरविंद कुशवाह और अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट हुई। कंपनी कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें बेल्ट से भी पीटा गया। घटना में कर्मचारी रामनिवास रावत निवासी भौवना ने पुलिस को आवेदन सौंपा है।
फोन पर धमकी दी गई, फिर हमला हुआ
ठेकेदार शुभम गुप्ता ने आरोप लगाया कि घटना से पहले फोन पर गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी मिली। इसके लगभग 15 मिनट बाद मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने इसे शासकीय कार्य में बाधा बताते हुए कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक निर्माण कार्य बंद रहेगा।
पीडब्ल्यूडी भी ठेकेदार के समर्थन में
घटना के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग भी ठेकेदार के समर्थन में सामने आया है। पीडब्ल्यूडी के ईई जेएस यादव ने कर्मचारियों के साथ मारपीट को गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर मामला विभागीय मंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई है तो सख्त कार्रवाई होना चाहिए।
अस्पताल प्रबंधन बोला- मरीज हो रहे परेशान
वहीं सिद्धिविनायक अस्पताल के संचालक डॉ. सुनील तोमर ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि ओवरब्रिज निर्माण के कारण अस्पताल तक पहुंचने वाला रास्ता बार-बार बंद कर दिया जाता है, जिससे गंभीर मरीजों और एंबुलेंस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की निर्धारित 15 मई की समय सीमा पहले ही निकल चुकी है, इसके बावजूद लगातार बैरिकेडिंग की जा रही है। उनके मुताबिक ठेकेदार की मनमानी के कारण आम लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
21 में से 19 स्लैब तैयार
रेलवे ओवरब्रिज परियोजना का निर्माण शुभम कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार परियोजना में कुल 21 स्लैब डाले जाने हैं, जिनमें से 19 स्लैब का काम पूरा हो चुका है। ठेकेदार को कार्य पूरा करने के लिए 31 मई तक का एक्सटेंशन मिला हुआ है। हालांकि रेलवे हिस्से का कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है, जिसके चलते बार-बार ट्रैफिक डायवर्जन और रास्ता बंद करने की स्थिति बन रही है।
फिलहाल इस मार्ग से केवल दोपहिया वाहनों की आवाजाही हो रही है, जबकि भारी वाहनों पर रोक लगी हुई है। अब इस पूरे मामले में लोगों की नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है। शहर में चर्चा है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो ओवरब्रिज निर्माण और यातायात व्यवस्था दोनों पर इसका असर पड़ सकता है।

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