शिवपुरी। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा के चमरौआ गांव में एक परिवार द्वारा विधायक प्रतिनिधि पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है। परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से न्याय की गुहार लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। वीडियो में परिवार ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से प्रताड़ना झेलने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या की अनुमति तक मांग ली है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है।
चमरौआ गांव निवासी शिवराज सिंह लोधी ने आरोप लगाया कि गांव के ही हरिभान सिंह लोधी, जिन्हें विधायक प्रीतम लोधी का प्रतिनिधि बताया जा रहा है, पिछले करीब दो वर्षों से उनके परिवार को लगातार परेशान कर रहे हैं। शिवराज का कहना है कि उनकी बेटी को बदनाम करने के उद्देश्य से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट डाली जा रही हैं। इससे परिवार मानसिक तनाव में है और समाज में उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई जगदीश लोधी, जो एक शासकीय स्कूल में प्राचार्य पद पर पदस्थ थे, उनके खिलाफ लगातार शिकायतें कराकर उन्हें पद से हटवाया गया। परिवार का दावा है कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया ताकि उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से तोड़ा जा सके।
रास्ते में रोकने की कोशिश का आरोप
शिवराज सिंह लोधी ने बताया कि बुधवार को उनके पिता जहार सिंह लोधी, उनकी पत्नी और भाई की पत्नी किसी काम से पिछोर गए थे। आरोप है कि लौटते समय पहले पिछोर क्षेत्र में और बाद में हिरापुर के जंगल इलाके में कुछ लोगों ने उनके वाहन को रोकने की कोशिश की। परिवार का कहना है कि अन्य वाहनों के वहां पहुंच जाने से स्थिति बिगड़ने से बच गई और वे किसी तरह सुरक्षित घर लौट सके।
शिवराज ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना विधायक प्रतिनिधि हरिभान सिंह लोधी द्वारा गजौरा गांव के कुछ युवकों के माध्यम से कराई गई। उनका कहना है कि परिवार के साथ लगातार भय और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है।
दो बार राजीनामा के बाद भी नहीं रुका विवाद
परिवार का कहना है कि समाज स्तर पर दो बार राजीनामा और समझौते की कोशिश हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। वायरल वीडियो में परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि दो दिन के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
वीडियो में परिवार के सदस्यों की भावुक अपील ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से वायरल हो रहा है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
विधायक प्रतिनिधि ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं विधायक प्रतिनिधि हरिभान सिंह लोधी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक रंजिश से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह लोधी के परिवार और गजौरा गांव के कुछ युवकों के बीच पुराना विवाद चल रहा है, जिसमें उन्हें जानबूझकर घसीटा जा रहा है।
हरिभान सिंह का कहना है कि बुधवार को जो भी घटना हुई, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व में जगदीश लोधी की पत्नी ने उनके खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था। उस समय शिवराज चाहते थे कि वे दूसरे पक्ष पर कार्रवाई करवाने में सहयोग करें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसी कारण उनके खिलाफ दुर्भावना रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। मामले को लेकर वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ मानहानि का दावा भी करेंगे।
पुलिस पहुंची गांव, जांच शुरू
इधर मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद खनियाधाना पुलिस गुरुवार सुबह चमरौआ गांव पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिवार से चर्चा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
इस बीच विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी ने भी परिवार का समर्थन करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है और क्षेत्र में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।