शिवपुरी। कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने जिले में बैंक ऋण बसूली एवं विभिन्न विभागों की आरआरसी बसूली की समीक्षा करते हुए सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि बैंक ऋण बसूली के दर्ज प्रकरणों में बसूली की कार्यवाही स ती के साथ करें। ऐसे बकायेदार जो आरआरसी जारी होने के बाद भी ऋण की बकाया राशि जमा नहीं कर रहे है, उन बकायादारों के नाम भी सार्वजनिक किए जाए। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण बसूली किए जाने पर ब्रिक्स एवं क्रिश योजना में बसूली करने वाले तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को एक प्रतिशत राशि प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदाय की जाती है, जिसका लाभ लें।
कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने उक्त आशय के निर्देश आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में दिए। बैठक में जिला पंचायत की मु य कार्यपालन अधिकारी नेहा मारव्या, अपर कलेक्टर नीतू माथुर सहित जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी, उपजिलाधीश, तहसीलदार आदि उपस्थित थे।
निराकरण किए गए राजस्व प्रकरणों का धरातल पर जाकर परीक्षण करें
कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा जो भी राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है, उनका धरातल पर जाकर भी परीक्षण करें। कलेक्टर ने नक्शा तरमीम के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि मु यमंत्री जी का ये प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है, इस कार्य को तेजी के साथ करें।
उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर भरण-पोषण एक्ट के तहत और अनुभाग स्तर पर आयोजित होने वाली सडक़ सुरक्षा समितियों की बैठके भी नियमित रूप से आयोजित कर कार्यवाही करें। श्री श्रीवास्तव ने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे फील्ड बिजीट कर प्रत्येक पटवारी द्वारा निराकृत किए गए राजस्व प्रकरणों की भी तहसील स्तर पर समीक्षाए करें।
उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देश दिए कि जिले में आयोजित होने वाली राजस्व अधिकारियों की बैठक के पूर्व अनुभाग स्तर पर अपने अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित कर समीक्षा करें और अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने माध्यम से ही आरओ बैठक की जानकारी तहसीलवार अनुभाग की एकजाई जानकारी भेजें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालू वर्ष की भू-राजस्व की बसूली शत्-प्रतिशत करें। इसके साथ-साथ अन्य विभागों की जारी आर.आर.सी न्यायालय के प्रकरणों में भी कायमी कर बसूली की कार्यवाही करें।