गीता पब्लिक स्कूल: बच्चों ने बनाया यंत्र, कम गैस में पकेगा खाना

Updesh Awasthee
शिवपुरी। शहर के गीता पब्लिक स्कूल के होनहार छात्रों ने साधारण कांच के टुकड़ों से सूरज की किरणों की भांति शक्ति का प्रदर्शन किया और इस यंत्र के जरिए निकलने वाली ज्वलनशील किरणों से खाना भी पकाया जा सकता है जिससे गैस की खपत भी कम होगी हालांकि यह यंत्र अभी विद्यालय में मॉडल के तौर पर प्रदर्शनी में लगेगा जिसका विस्तृत वर्णन व इसका डेमो करके भी दिखाया जाएगा। 

अभी बच्चो ने विद्यालय प्रबंधन को अपनी प्रतिभा के माध्यम से करके दिखाया है इस यंत्र को बनाने व संचालन में मु य रूप से कक्षा 9जी के छात्रों ने भूमिका निभाई और मिलकर इसे बनाया जिसके लीडर संजय रघुवंसी, शिवम् रघुवंसी, बबिता धाकड़, शिवानी रघुवंसी, साक्षी तोमर, अमन धाकड़, दुष्यंत रघुवंसी, दीपक प्रजापति, धर्मवीर धाकड़, सुखमनी कौर, आभा चतुर्वेदी, वैशाली झा, अंकित धाकड़, ऋषिका प्रधान, आलिशा खान, सुनैना लोधी, शिवानी चौहान, मयंक मंगल मौर्या, शिवप्रताप चौहान और सभी विद्यार्थियों ने मिलकर कांच के छोटे-छोटे टुकड़ों को कॉनकेव के जरिए दर्पण के आकार में चिपका दिया हैं जिससे वह सौर्य ऊर्जा को एक बिंदु पर केंद्रित कर रहा हैं। 

इस केंद्रित ऊर्जा में इतनी ऊष्मा है कि जिससे आप आसानी से खाना बना सकते हैं। इसमें आप वह सब बना सकते हे जो साधारणत: हम गैस पर पकाते है। यह एक ग्रीन एनर्जी स्त्रोत है जो पूर्णत: मु त और पर्यावरण के अनुकूल है। पुराने सोलर कुकर में हम खाने को बस बॉईल कर सकते हैं लेकिन इस यंत्र के द्वारा बनाये हुए कुकर में खाने को रॉस्ट, बेक अथवा फ्राई भी किया जा सकता है।

यह मात्र 3 सेकंड में ही कागज को जला देता है, साधारणत: खाना पकाने के लिए 7 से 80 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है पर हम उसको 200 से 220 डिग्री सेल्सियस पर पकाते हैं जो कि खाने के सारे पोस्टिक तत्व नष्ट कर देता है हमारे यह सोलर कुकर 120 से 180 डिग्री सेल्सियस तापमान देता है जिसमें हम पोस्टिक और हेल्दी खाना बना सकते हैं। बच्चों की इस प्रतिभा पर ना केवल अभिभावकों बल्कि स्कूल प्रबंधन ने भी बच्चों के उज्जवल भविष्य की बधाई ओर शुभकामनाऐं दी। 

Tags

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!