झांसी से उठावनी में शमिल होने आ रहे जैन परिवार की दुर्घटना में मौत

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। झांसी से शिवपुरी से अपने रिश्तेदार की उठावनी में शमिल होने ओ रही है झांसी के एक जैन परिवार की होंडा कार सुरवाया थाना क्षेत्र में फोरलेन पर बनी पुलिया  से टकरा गई। इस दुर्घटना में बच्चो सहित 5 लोगों की मौत की खबर आ रही है। 

तेजगति से आ रही होण्डा कार क्रमांक यूपी 93/एएन-6898 आज दोपहर लगभग डेढ़ बजे पुलिया से जा टकराई जिससे घटना स्थल पर ही चार लोगों की मौत हो गई जबकि एक नन्हीं बालिका याना जैन ने ग्वालियर में इलाज के लिए जाते समय दम तोड़ा। दुर्घटना के बाद मृतकों का पोस्टमार्टम शिवपुरी में किया गया और इसके बाद उनके शवों को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर झांसी भेज दिया गया। 

जानकारी के अनुसार  बैंक अधिकारी प्रेमचंद जैन की उठावनी आज दोपहर तीन बजे निचला बाजार स्थित उनके निवास स्थान पर आयोजित की गई थी। उठावनी में भाग लेने के लिए झांसी से उनके भांजी-दामाद (बहिन की बेटी के दामाद) नीरज जैन अपने भाई अजय जैन और परिवार के साथ होण्डा कार से झांसी से शिवपुरी के लिए आ रहे थे। 

बताया जाता है कि गाड़ी में नौ लोग सवार थे। सुरवाया थाना क्षेत्र में पुलिया के नजदीक उनकी गाड़ी से अचानक ड्रायवर का संतुलन बिगड़ा और कार पुलिया से टकराकर पलट गई। दुर्घटना इतनी वीभत्स और हृदयविदारक थी कि झांसी में ज्ञानी इलेक्ट्रीकल्स के संचालक नीरज जैन उम्र 32 वर्ष, उनके भाई अजय जैन उम्र 28 वर्ष, श्रीमती निधि जैन पत्नी पवन कुमार जैन उम्र 30 वर्ष और रूही जैन उम्र 2 वर्ष की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई जबकि याना जैन उम्र 6 वर्ष, वीर जैन उम्र 5 वर्ष और युवराज उम्र 8 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए। 

गंभीर रूप से घायल याना जैन और युवराज को इलाज के लिए ग्वालियर रैफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही याना जैन की मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि याना जैन मृतक नीरज जैन की पुत्री थी और दुर्घटना में पिता और पुत्री दोनों ही कालकवलित हो गए। जैसे ही दुर्घटना का यह समाचार शिवपुरी पहुंचा वहां पर भी शोक की लहर व्याप्त हो गई। इस मामले में पुलिस ने भादवि की धारा 304 ए के तहत प्रकरण कायम कर लिया है। 

हृदयाघात से अचानक हुई थी प्रेमचंद की मौत
पूर्व पार्षद श्रीमती रेणु-बृजेश जैन के देवर प्रेमचंद जैन मूल रूप से शिवपुरी के निवासी थे। हाल ही में मध्यांचल ग्रामीण बैंक में उनका प्रमोशन हुआ था और वह अधिकारी के पद पर पदस्थ हुए थे। श्री जैन मृदुभाषी और समाजसेवी प्रकृति के व्यक्ति थे। श्री जैन 27 दिस बर को शिवपुरी में ही थे जहां उन्होंने ग्रामीण बैंक समाजसेवा समिति द्वारा आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में बढ़चढ़कर भाग लिया था। 

इसके बाद वह शिवपुरी से नौगांव के लिए रवाना हो गए। उनकी ससुराल झांसी में है और झांसी तक वह अपनी पत्नी को ले गए थे, लेकिन झांसी से नौगांव वह अकेले गए। उनके साथ ग्रामीण बैंक का एक कर्मचारी भी रूम पार्टनर था, लेकिन वह छुट्टी पर गया हुआ था। 30 दिस बर को अचानक सोते समय रात में उन्हें हृदयाघात हुआ जिसकी जानकारी तब मिली जब वह सुबह नहीं उठे।

 इसके बाद मकान मालिक ने उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन जब उनका बीपी देखा जा रहा था उसी दौरान उन्होंने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए 31 दिस बर को शिवपुरी लाया गया और 1 जनवरी को उनका अंतिम संस्कार हुआ। 
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