शिवपुरी। जिले में पदस्थ लगभग 10-12 हजार शिक्षक और अध्यापक लगभग एक साल से समय पर वेतन न मिलने से परेशान बने हुए हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पिपलौदा का आरोप है कि यह सब प्रशासन और शिक्षा विभाग की शिथिलता के चलते हो रहा है। जिससे संकुल प्राचार्यों पर कोई लगाम नहीं है और संकुल केन्द्रों पर बाबूराज चल रहा है तथा कुछ शिक्षक संकुल प्राचार्याे के दलालों की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
श्री पिपलौदा ने अल्टीमेटम दिया कि यदि इस स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कर्मचारी कांग्रेस शीघ्र ही कलेक्ट्रेट पर धरना देकर अपना विरोध प्रदर्शन व्यक्त करेगी।
प्रेस को जारी बयान में कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पिपलौदा ने बताया कि लगभग एक साल से शिक्षक और अध्यापक वेतन के लिए परेशान हैं। पोहरी विकास खण्ड में हर माह शिक्षकों को 15 तारीख से पूर्व वेतन नहीं मिल रहा है।
अन्य ब्लॉकों में भी लगभग यही स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का नियंत्रण न होने से शिक्षा विभाग के अधिकारी और बाबू बेलगाम बने हुए हैं। स्थिति इतनी बदतर है कि यदि किसी शिक्षक का एक माह का वेतन रूक जाता है तो अगले माह वेतन लेने के लिए उसे बाबूओं की सेवा करना पड़ती है।
शिक्षक अपने पुत्र और पुत्री के विवाह के लिए या अन्य किसी कारण से यदि जीपीएफ निकालना चाहते हैं तो इसके लिए भी उन्हें पापड़ वेलना पड़ रहे हैं और बिना लेनदेन के न तो उनका जीपीएफ निकल रहा और न ही वे अपना ऐरियर निकलवा पा रहे हैं।
श्री पिपलौदा ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी की सज्जनता का शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी फायदा उठा रहे हैं तथा उनका नियंत्रण न होने से वह बेलगाम बने हुए हैं।
बैराड़ तहसील से नहीं मिल रहा कर्मचारियों को मुआवजा
कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पिपलौदा ने बैराड़ तहसील में पदस्थ अधिकारी पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है कि उनके कारण कर्मचारियों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा तथा मुआवजा लेने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वह स्वयं, राजविहारी शर्मा पिपलौदा, कमलकांत उपाध्याय ककरौआ, पुरूषोत्तम शर्मा ककरौआ, घनश्याम उपाध्याय ककरौआ, परसादीलाल उपाध्याय, राधेश्याम गुप्ता मुआवजे के लिए भटक रहे हैं।
लेकिन तहसीलदार द्वारा न केवल उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा बल्कि शिकायत करने पर मुख्यमंत्री हेल्पलाईन को उनके द्वारा गलत और भ्रामक जानकारी भी दी जा रही है कि मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है।
श्री पिपलौदा ने इस मामले में कलेक्टर से हस्तक्षेप और कार्यवाही की मांग की है ताकि सूखा प्रभावित बैराड़ क्षेत्र के कर्मचारियों को मुआवजे का भुगतान हो सके। वहीं दोषी अधिकारी के विरूद्ध भी उन्होंने कार्यवाही की मांग की है।

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