शिवपुरी। शहर के आसपास तालाबों को बचाने के लिए लगाई गई याचिका को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल एनजीटी भोपाल में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कलेक्टर, नपा सीएमओ की ओर से वकील सचिन वर्मा और नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह की ओर से जतिन रोहित गुप्ता पेश हुए। एनजीटी ने एक याचिका के क्रम में कलेक्टर सहित सीएमओ व नपाध्यक्ष को नोटिस जारी किए थे।
सुनवाई के दौरान दोनों वकील ने प्रशासन व नगर पालिका की ओर जवाब देने के लिए समय चाहा। जिस पर से दोनों को 28 जनवरी तक का समय दिया गया है। अब अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसने एनजीटी के समक्ष दो उपस्थित बैंच के सदस्यों को बताया कि इस समय शिवपुरी के तालाबों का गंदगी के कारण बुरा हाल है। इसके अलावा अतिक्रमण से इनका अस्तित्व खत्म हो रहा है।
दो साल से सीवर प्रोजेक्ट की खुदाई के कारण लोगों की हालत खराब है और इन तालाबों में जो गंदा पानी जा रहा है उसके लिए प्रशासन कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस समस्या को लेकर एनजीटी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे। इस पर एनजीटी के सदस्यों ने 28 जनवरी को प्रशासन का जवाब आने के बाद निर्देश देने की बात कही। याचिका के माध्यम से चांदपाठा तालाबए जाधव सागरए भुजरिया तालाबए माधव लेक, भदैया कुंड, मनियर तालाब सहित अन्य प्राचीन जलस्रोतों को बचाने की मांग की गई है।

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