शिवपुरी। आत्मविश्वास से परिपूर्ण प्रदेश सरकार की उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कलेक्ट्रेट में आयोजित पत्रकारवार्ता में शिवपुरी के विकास का खाका खींचा और यहां तक कहा कि मैं हूं तो शिवपुरी के विकास के बारे में निश्चिंत रहिए। न केवल सिंधिया राजवंश की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिवपुरी अपने पुराने वैभव को पाएगी, बल्कि पर्यटन और औद्योगिक विकास की दृष्टि से भी समृद्ध होगी।
उनके अनुसार दो साल मेें शहर की सारी 19 सड़कें पूर्ण गुणवत्ता के साथ बन जाएंगी। सिंध नदी का पानी भी घर-घर पहुंच जाएगा। सीवेज प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज से लेकर फिजीकल कॉलेज, संग्रहालय, फोरलेन, कृषि उपज मण्डी तथा बहुत संभव उद्योगों का जाल भी यहां विकसित हो जाएगा।
यशोधरा राजे ने एक-एक योजना के बारे में अपने द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सविस्तार जानकारी दी और कहा कि वर्ष 2016 के जनवरी-फरवरी माह में शिवपुरी में शिवपुरी महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। पत्रकारवार्ता में कलेक्टर राजीवचंद दुबे भी उपस्थित थे।
यशोधरा राजे ने सबसे पहले सिंध जलावर्धन योजना के काम को शुरू कराने के लिए अपने प्रयासों की जानकारी दी और कहा कि आर्थिक संकट के कारण दोशियान कंपनी ने काम बंद कर दिया था। उसका कहना था कि वह अपने हिस्से से अधिक राशि खर्च कर चुका है। इस पर शासन और दोशियान कंपनी के बीच हुई चर्चा में आठ करोड़ रूपये दोशियान कंपनी को भुगतान करने के बारे में सहमति बनी।
चूंकि यह प्रस्ताव कैबिनेट में पारित होना था इसलिए इसे मंजूर कराने में तीन माह लग गए। इसके बाद अब कैबिनेट मंजूरी के प्रस्ताव का कागज निकलवाकर दोशियान कंपनी के बैंकर्स देना बैंक को उपलब्ध कराना है जिसके आधार पर देना बैंक दोशियान कंपनी को बैंक गारंटी देगी जिससे योजना का कार्य शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी दोशियान कंपनी के सीएमडी से भी चर्चा हो चुकी है। अब दोशियान कंपनी को बैंक गारंटी मिलने के बाद अतिशीघ्र कार्य को प्रारंभ कर योजना को पूर्ण करना होगा। शहर की 19 सड़कों के निर्माण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव और ईएनसी से प्रति सप्ताह बैठक हो रही है जिसमें पर्यटन के हिसाब से सड़कें बनाने का तय किया गया है।
उन्होंने कहा कि जहां सड़कें कम चौड़ी हैं वहां दोनों तरफ पेवर्स लगाए जाएंगे तथा चौड़ी सड़क पर फुटपाथ और पेड़ भी लगाने का कार्य किया जाएगा। सड़कों पर साइनेज भी लगेगी। उन्होंने कहा कि आज उन्होंने अपने दौरे में शिवपुरी में लगभग एक-एक करोड़ रूपये लागत की क्रा ट रोड और पोहरी वायपास से सर्किट हाउस तक सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया है।
इन दोनों सड़कों में सीवेज और सिंध की दोनों पाइप लाइनें डल चुकी हैं। इसके बाद फरवरी तक व्हीआईपी रोड, नवाब साहब रोड और रघुनाथ राव दिनकर मार्ग का कार्य प्रारंभ होगा। अगली पांच सड़कें जिनमें श्रीमंत माधवराव सिंधिया मार्ग और टोंगरा रोड भी शामिल हैं को फरवरी बजट में शामिल किया जाएगा।
19 में से में 9 सड़कें अक्टूबर 2016 तक निर्मित होंगी और शेष 10 सड़कें अक्टूबर 2017 तक बन जाएंगी। चार करोड़ रूपये की लागत से फिजीकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा। वहीं नवनिर्मित संग्रहालय में यहां से भोपाल संग्रहालय में स्थानांतरित की गईं मूर्तियों को वापिस लाने के लिए उन्होंने केन्द्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा से चर्चा की है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और उन मूर्तियों को अंतर्राष्ट्रीय मानदण्ड के आधार पर शिवपुरी संग्रहालय में स्थापित किया जाएगा।
यशोधरा राजे ने बताया कि भेड़ फार्म की 1800 एकड़ जमीन उन्होंने उद्योगों के लिए आबंटित कराई है और आशा की जा रही है कि यहां खटाई में पड़े पीथमपुर कोरीडोर के समान औद्योगिक कॉरीडोर विकसित किया जाएगा यदि ऐसा हुआ तो इससे शिवपुरी ही नहीं, संपूर्ण इलाका औद्योगिक दृष्टि से समृद्ध होकर इस इलाके के भाग्य को बदल देगा।
लेकिन उन्होंने साफगोई से कहा कि संभव है कि यह काम बहुत जल्दी न हो, लेकिन निकट भविष्य में होने की संभावना प्रबल है। उसी तरह शिवपुरी कृषि उपज मण्डी की गुणवत्ता को बढ़ाने का भी वह प्रयास कर रही हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि यहां के किसान मण्डी शिवपुरी से अपनी फसलों को अन्य मण्डी जैसे कोलारस और करैरा में क्यों ले जा रहे हैं। हमें उन परिस्थितियों को भी बदलना होगा जिससे यहां के किसान हताश होकर अन्य मण्डियों का रूख कर रहे हैं।
जयपुर की तरह शिवपुरी को संवारा जाएगा
पत्रकारवार्ता में यशोधरा राजे ने बताया कि जयपुर के विकास के लिए उनकी बहिन वहां की मु यमंत्री वसुन्धरा राजे सिंधिया ने बहुत प्रयास किए हैं। उनके प्रयासों के फलस्वरूप ही जयपुर की सुंदरता हर दृष्टि से बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि इस बावत् उन्होंने नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह से बातचीत कर उन्हें सुझाव दिया है कि वह अपने पार्षदों और तकनीकी स्टाफ को जयपुर भेजें और जयपुर विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों से चर्चा करें।
जयपुर के टै्रफिक सरकल, सड़कें, बस स्टेण्ड, चौराहा आदि किस तरह से विकसित किए गए हैं वहां की तकनीक से शिवपुरी का विकास करें। शिवपुरी की बिरासतें जैसे कस्टम गेट, कलेक्ट्रेट, शिवपुरी क्लब आदि को संरक्षित और सुरक्षित करने के लिए जेडीए के कार्यों को देखकर उनसे यहां की बिरासतों को संरक्षित करें।

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