शिवपुरी। अभी-अभी खबर आ रही है कि पोहरी वायपास रोड सियाराम बाबा की कुटिया के पास रहने वाले चौहान परिवार के घर में बदूंक से भाई के हाथो बहन की मौत हो गई।
मृतिका भाजपा के वरिष्ठ नेता भंवर सिंह चौहान की नातिन थी। इस हादसे से चौहान परिवार में शोक का माहौल व्याप्त हो गया है। घटना के समय मृतक के माता और पिता घर पर नहीं थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भंवर सिंह चौहान के दो पुत्र महेन्द्र सिंह चौहान और जुझार सिंह चौहान पोहरी वायपास रोड़ पर पास -पास रहते हैं। बताया जाता है कि कल महेन्द्र सिंह चौैहान की ससुराल में गमी हो जाने के कारण वह सपत्निक विदिशा चले गए थे।
रात में उनके घर पर सोने के लिए पास में ही रहने वाले भाई जुझार सिंह आ गये थे और सुबह-सुबह वह अपने घर चले गए।
बताया जाता है कि दशहरा त्यौहार पर महेन्द्र सिंह ने अपनी लायसेंसी 315 बोर बंदूक का पूजन किया था, लेकिन असावधानीवश बंदूक में दो कारतूस लोड थे। उक्त बंदूक महेन्द्र सिंह चौहान के कमरे में पलंग पर रखी हुई थी। घर पहुंचने के बाद जुझार सिंह को याद आया कि बंदूक पलंग पर रखी है तो उन्होंने अपने 11 वर्षीय पुत्र अभय सिंह चौहान को बंदूक लेने के लिए भेजा।
उस समय मृतिका आयुषी चौहान उम्र 12 वर्ष कमरे में कप्यूटर पर काम कर रहीं थी। अभय ने बंदूक उठाई और वह बाहर जाने लगा। इसी बीच असावधानीवश बंदूक का ट्रिगर उससे चल गया और बंदूक से निकली गोली दीवार से टकराकर कप्यूटर पर काम कर रहीं आयुषी चौहान के सिर में जा लगी जिससे सिर के परखच्चे उड़ गए और उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई।
कक्षा 7 की छात्रा थी मृतिका आयुषी चौहान
मृतिका आयुषी चौहान कक्षा 7 की छात्रा थी और अपने माता पिता की वह सबसे बड़ी बेटी थी। घटना के समय यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आयुषी की छोटी बहिन कहां थी जबकि उसका भाई महेन्द्र सिंह के दोस्त के यहां चला गया था।
जिस बालक अभय के हाथों गोली चली है वह कक्षा 5 का विद्यार्थी है। दुर्घटना के बाद महेन्द्र सिंह और उनकी पत्नि को परिवार में किसी के बीमार होने की सूचना दी गई हैं। समाचार लिखे जाने तक मृतिका के माता पिता शिवपुरी नहीं आये थे।
अभय पर दर्ज हुआ का मामला
11 वर्षीय मासूम अभय चौहान पर पुलिस ने भादवि की धारा 304 के तहत मामला कायम कर लिया है। उक्त जानकारी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जीडी शर्मा ने दी हैै। उन्होंने बताया कि यह हत्या का मामला नहीं है और इस मामले को भादवि की धारा 304 ए के तहत भी नहीं रखा जा सकता। जांच के दौरान आरोपी बालक की उम्र के तथ्य पर विचार कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।


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