शिवपुरी। शहर के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने वाली योजना पर फिर खतरा आ गया है इस योजना पर काम शुरू करने वाली दोशियान कंपनी ने भुगतान का लेकर सरकार पर दबाब बनाने के लिए काम रोक देने के सामाचार प्राप्त हो रहे है।
बताया गया है कि दोशियान कंपनी सरकार से लगभग 6 करोड़ रूपया अग्रिम भुगतान की मांग कर रही है। जिसके बारे में फैंसला कैबिनेट बैठक में होगा। इस फैसले के पूर्व दोशियान कंपनी ने काम रोक दिया है।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि दोशियान कंपनी लगातार ब्लेकमेल कर रही है। अधिक दर के भुगतान के विषय में राज्य शासन ने दोशियान कंपनी को जल उपभोक्ताओं से 25 वर्ष के स्थान पर 28 वर्ष तक बसूली के अधिकार दे दिये हैं। नगर पालिका अधिकारियों का कथन है कि वह दोशियान कंपनी के रूख से परेशान हो गए हैं।
उनका जिस तरह का रवैया है उससे अप्रैल 2016 तक सिंध का पानी शिवपुरी आने की संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में मड़ीखेड़ा पेयजल परियोजना के दुबारा टेंडर होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
कंपनी शासन और नगर पालिका की मजबूरी का फायदा उठाने पर आमादा है और नित प्रतिदिन उसकी शर्तें बढ़ती जा रहीं है। नगर पालिका ने मड़ीखेड़ा जलावर्धन योजना के टेंडर लगा भी दिये थे, लेकिन टेंडर की समयावधि के पूर्व ही भ्रमित करने के लिए दोशियान कंपनी ने काम शुरू कर दिया, लेकिन जैसे ही टेंडर की समयावधि निकली काम रोक दिया गया है।
एक ओर तो सिंध का पानी शिवपुरी आने की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही। दूसरी ओर कम वर्षा होने के कारण शीघ्र ही पेयजल संकट गहराने के आसार बन रहे हैं। इससे आने वाले समय में नगर पालिका को समस्या का सामना करना पड़ सकता है।


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