शिवपुरी। शिवपुरी के होण्डा शोरूम पर होण्डा शोरूम के कर्ताधर्ताओ ने ग्राहको को लूटने के नए नियम बना दिए है। होण्ड के स्कूटर एक्टिवा खरिदने पर शोरूम संचालक 5 हजार रू का चूना ग्राहको को लगा रहे है। बिना ऐसेसरीज और कागजों के नाम पर ग्राहको को ठग रहे है। अगर आप शोरूम के शर्ताे का पालन नही करते तो आपको गाडी नही मिलेगी। इस कारण एक जागरूक ग्राहक ने कंपनी से इस शोरूम संचालक की शिकायत की और कंपनी ने माफी मांगते हुए 1500 रू का अर्थदण्ड शोरूम के एक सेल्समैन पर लगाया है।
जानकारी के अनुसार ललित गुप्ता और रशीद खान इन दोनों लोगों ने अपनी जागरूकता का परिचय दिया और कंपनी की शर्तों को दरकिनार कर अपनी मनमर्जी से वाहन के कागजातो की पूर्ति और कंपनी की एसेसरीज लगवाने से मना कर दिया। इस एवज में इन्हें अच्छा खासा 2 से 5 हजार रूपये का फायदा भी हुआ।
इस मामले में ललित गुप्ता का कहना था कि उन्होनें होण्डा कंपनी का एक्टिवा वाहन अपनी भतीजी को उपहार में देने के लिए खरीदने का मन बनाया और बकायदा इसकी पहले से बुकिंग भी कराई लेकिन समय और शुभ मुहूर्त में वाहन उपलब्ध नहीं हुआ और जब वाहन खरीदना चाहा तो कंपनी के कुछ कर्ताधर्ताओं ने कंपनी की शर्तें को सामने रख दिया जिसमें उन्होंने वाहन की एसेसरीज लगभग 4 हजार रूपये की, बीमा, रजिस्ट्रेशन व अन्य एसेसरीज खरीदने का दबाब बनाया गया जब हमने मना किया तो कंपनी ने वाहन देेने से इंकार कर दिया।
बाद में ललित ने इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों को शिकायत की तो उसकी शिकायत मानते हुए अपनी गलतियों को स्वीकार किया और इस तरह मनमनोब्बल के बाद ललित ने फौरी तौर पर वाहन बुकिंग कर दिया।
इसी तरह का मामला रशीद खान निवासी गोविन्द नगर के साथ हुआ उन्होंने भी अपने लिए नए एक्टिवा वाहन खरीदने का मन बनाया और इस संबंध में जब कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो वहां वाहन की ऑनरोड कीमत पूछी, जब वाहन खरीदने की बारी आई तो कंपनी के कर्ताधर्ताओं ने इसी प्रकार से अन्य एसेसरीज खरीदने का दबाब भी रशीद खान पर बनाया।
चूंकि पत्रकारिता और जागरूक नागरिक होने के नाते रशीद ने यह कतई स्वीकार नहीं किया और तुरंत इंटरनेट के माध्यम से कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले की सच्चाई से अवगत कराया। बाद में कंपनी के मैनेजर श्री चौहान ने कंपनी की गलतियों को स्वीकार करते हुए रशीद खान को समझाया और वाहन खरीदने के लिए कहा जिस पर किसी प्रकार का कोई ऐससेरीज खरीदने का दबाब भी नहीं बनाया गया और स्वेच्छा से वाहन खरीदने की बात कही।
इसके बाद भी वहां कंपनी द्वारा सेठ होण्डा के सेल्स मेन कर्मचारी पर 1500 रूपये का अर्थदण्ड लगाकर पीडि़त को राहत प्रदान की। इतना सब होने के बाद हालांकि रशीद खान ने वाहन तो नहीं खरीदा लेकिन कंपनी की इस तरह की हठधर्मिता से अन्य लोग परेशान होते होंगें इसका उन्हें आभास हो गया। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वह वाहन खरीदते समय कंपनी की किसी प्रकार की बाध्यता को स्वीकार नहीं करें और आवाज बुलंद करें।


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