शिवपुरी। किसाना के संकट कम होने का नाम नही ले रहे है। ओलावृष्टि की मार झेल चुका किसान अब शासन के नियम-कानून और अफसरो की मनमानी के कारण परेशान है,गेहू खरिदी की घोषित तिथि पर प्रशासन ने एक भी दाना नही खरीदा गेंहू का, जो किसान शिवपुरी मंडी में गेहूं बेचने को आए थे उन्होने आने-पोने दामो पर अपना गेहूं मार्केट में बेचना पडा।
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का काम देखने वाली एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम और सहकारी सोसाइटी ने घोषणा की थी कि 2 अप्रैल से खरीदी का काम शुरू होगा लेकिन गुरुवार को पहले दिन किसी भी केंद्र पर काम नहीं हुआ। खरीदी के लिए जिले में 63 केंद्र बनाए गए है इनमें से किसी भी केंद्र पर एक भी किसान से गेहूं नहीं लिया गया।
शिवपुरी मंडी में तो कई ऐसे किसान थे जो अपना माल लेकर आए थे लेकिन गुरुवार को जब यह ट्रैक्टर ट्रॉलियों से माल लेकर आए तो बाजार भाव से कम दाम पर इन्हें अपना गेहूं बेचना पड़ा। खरीदी के काम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि काम तो 2 अप्रैल से ही शुरू होना था लेकिन बीते दिनों हुई ओलावृष्टि व बारिश से गेहूं में नमी रहती इसलिए खरीदी की तारीख आगे बढ़ाई गई है। अब खरीदी का काम 10 अप्रैल से शुरू होगा।
खरीदी का काम देखने वाली एजेंसियों के अधिकारी भले ही यह कहें कि अभी गेहूं में नमी है इसलिए तारीख आगे बढ़ाई गई है लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि जिले में जो 63 केंद्र बनाए गए हैं वहां पर अभी कोई तैयारी ही नहीं है। नान व सोसाइटी में सामंजस्य भी नहीं देखने को मिल रहा है। इसके अलावा शुरुआती दौर में कुछ किसानों को एसएमएस भेज दिए गए हैं तो कुछ को सात अप्रैल के बाद भेजने की बात अधिकारी कर रहे हैं। बारदाना व अन्य सामग्री भी अभी कई केंद्रों में नहीं पहुंची है। कुल मिलाकर व्यवस्था न होने के चलते ही तारीख आगे बढ़ाई गई है।


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