शिवपुरी। सरकारी कॉलेजों में पढ़ाने वाले अतिथि विद्वान 9 अप्रैल को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे। इन अतिथि विद्वानों के हड़ताल पर जाने के कारण कॉलेजों में पढ़ाई व्यवस्था ठप रहेगी। अतिथि विद्वानों का कहना है कि वह उच्च शिक्षा विभाग के अधीन प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में कई साल से पढ़ाते आ रहे हैं लेकिन जो वेतन मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है। इनकी मांग है कि इन्हें समान कार्य का समान वेतन मिलना चाहिए।
अतिथि विद्वानों का कहना है कि इन्हें सहायक प्राध्यापक के बराबर वेतन मिलना चाहिएए जो प्रदेश सरकार नहीं दे रही है। वह कई बार इसकी मांग कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब अपनी मांगों को लेकर वह 9 अप्रैल को कामकाज बंद कर हड़ताल पर रहेंगे। अतिथि विद्वान संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि आने वाले दौर में पूरी तरह से कामकाज बंद रख विरोध जताएंगे।
शिवपुरी के अलावा पिछोर, करैरा, कोलारस, पोहरी, खनियांधाना, नरवर में जो सरकारी कॉलेज हैं वहां पर परमानेंट प्रोफेसरों की कमी है। प्रोफेसर न होने पर इन कॉलेजों में अतिथि विद्धानों की भर्ती की गई है। इन अतिथि विद्वानों को प्रति पीरियड के हिसाब से जो वेतन मिलता है वह 10 से 15 हजार रुपए है।
कई जगह जनभागीदारी समिति के माध्यम से रखे गए अतिथि विद्वानों को तो इससे भी कम फिक्स वेतन पर रखा गया है। इनका कहना है कि जब वह प्रोफेसरों के बराबर कॉलेजों में पढ़ाते हैं तो वेतन भी उतना ही मिलना चाहिए। कुल मिलाकर जिले के सभी कॉलेजों में 60 से अधिक अतिथि विद्वान हैं और यही लोग अधिकतर समय क्लास लेते हैं। इनके हड़ताल पर जाने से पढ़ाई व्यवस्था ठप रहने के आसार हैं।
यह प्रदेशव्यापी अभियान है
कॉलेजों में सभी अतिथि विद्वान 9 अप्रैल को अपना कामकाज बंद रखेंगे। यह हमारा प्रदेशव्यापी अभियान है। हमारी मांग है कि समान कार्य समान वेतन हमें मिलना चाहिए। डॉ आनंद मिश्राए अध्यक्ष, अतिथि विद्वान संघ


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