शिवपुरी। मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद प्रताप भानू शर्मा ने साफगोई से स्वीकार किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में यूपीए की सत्ता में वापिसी मुश्किल है लेकिन उनका मानना है कि एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की ताजपोशी तो बिल्कुल असंभव है। केन्द्र में बिना कांग्रेस के सहयोग के कोई सरकार नहीं बन पाएगी और सत्ता का परिदृश्य पूरी तरह अस्पष्ट बना हुआ है।
सिंधिया का प्रचार करने के लिए शिवपुरी आए श्री शर्मा दो टूक लहजे में कहते हैं कि मप्र में भाजपा का मिशन 29 असफल होना तय है और कांग्रेस अपनी 2009 की पुरानी स्थिति को कायम रखने में सफल रहेगी। गुना लोकसभा क्षेत्र में उनका अनुमान है कि कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को विगत चुनाव की तुलना में इस बार अधिक बार अधिक बढ़त मिलेगी और मोदी लहर के कथित शिगूफे के बावजूद भी इस बार सिंधिया अधिक आरामदायक स्थिति में हैं।
प्रताप भानू शर्मा ने कहा कि यूपीए की सरकार ने पिछले 10 साल में विकास के अनेक कार्य किए हैं। लेकिन दुर्भाग्य है कि उन कार्यों को सही ढंग से प्रचारित नहीं किया जा सका। इसी बजह से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यूपीए की सीटों की सं या 2009 की तुलना में कुछ कम होंगी और एनडीए की सीटों की सं या बढ़ेगी, लेकिन एनडीए स्पष्ट बहुमत से दूर रहेगी। ऐसी स्थिति में मायावती, जयललिता और ममता बनर्जी की भूमिका निर्णायक रहेगी। ऐसी संभावना है कि राजनीति की इन तीन देवियों की कुल मिलाकर 100 से अधिक सीटें मिलेंगी और सरकार निर्माण में उनकी भूमिका निर्णायक होगी।
सन् 80 में विदिशा से सांसद रहे और स्व. संजय गांधी के साथी प्रताप भानू शर्मा अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहते हैं कि उन्होंने बंगाल की राजनीति देखी है। जब वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव दा वहां के कांग्रेस अध्यक्ष थे तब वह बंगाल के प्रभारी थे और इसी आधार पर उनकी भविष्यवाणी है कि पोस्ट पोल एलायंस में ममता बनर्जी एनडीए का साथ नरेन्द्र मोदी के कारण नहीं देंगी। क्योंकि इससे उनके मुस्लिम वोट खिसकने का खतरा है। सवाल यह है कि सरकार बनाने के लिए क्या एनडीए प्रधानमंत्री पद के उ मीदवार नरेन्द्र मोदी को अलग करने का साहस दिखा पाएगी। जिस तरह की श्री मोदी की कट्टर छवि है उससे मायावती भी उनसे दूर रहेगी। साफ है कि नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री बनने का सपना सपना ही रहेगा।
मोदी पर हमला करते हुए पूर्व सांसद शर्मा ने कहा कि उनके पास कांग्रेस के खिलाफ विषवमन करने के अतिरिक्त बोलने के लिए है क्या? न उनके पास कोई आर्थिक नीति है न ही विदेश नीति और न ही देश के बेरोजगारों को रोजगार देने की योजना। नरेन्द्र मोदी को फोकस रखकर भाजपा सिर्फ मतों को धु्रवीकरण करने का प्रयास कर रही है, लेकिन इसमें भी कांग्रेस को फायदा मिलेगा। वह कहते हैं कि मप्र में भाजपा का मिशन 29 दिवा स्वप्र साबित होगा। प्रदेश में कम से कम एक दर्जन सीटें कांग्रेस जीतने की स्थिति में है।
कांग्रेस की मजबूत सीटों की चर्चा करते हुए श्री शर्मा ने गुना, ग्वालियर, भिण्ड, भोपाल, मंदसौर, छिंदवाड़ा, शहडोल, सतना, सीधी, धार, झाबुआ आदि के नाम गिनाए। प्रताप भानू शर्मा गुना में कांग्रेस के लिए कोई चुनौती नहीं देखते। उनके अनुसार इस बार कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया की जीत का अंतर ढाई लाख से अधिक मतों का होगा। कारण क्या है? इसे गिनाते हुए श्री शर्मा कहते हैं कि सिंधिया ने क्षेत्र में विकास किया है और भाजपा प्रत्याशी के पास विकास की कोई योजना नहीं है। वहीं पिछली बार की तुलना में इस बार मतदाताओं की सं या बढ़ी है। जिससे भी जीत का अंतर बढ़ेगा।
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