काजल सिकरवार @ शिवपुरी। मंगलवार शाम करीब एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने शिवपुरी शहर और आसपास के क्षेत्रों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत जरूर दी, लेकिन मानसून के अब तक के आंकड़े बताते हैं कि जिला अभी भी सामान्य और पिछले वर्ष की तुलना में काफी पीछे चल रहा है।
कलेक्टर कार्यालय (भू-संसाधन प्रबंधन) की 8 जुलाई 2026 की दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार 1 जून से 8 जुलाई तक जिले में औसतन 153.07 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 456.33 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। यानी इस साल अब तक 303.26 मिमी कम बारिश हुई है।
शिवपुरी जिले की वार्षिक औसत वर्षा 816.3 मिमी है, लेकिन अब तक केवल 18.75 प्रतिशत वर्षा ही दर्ज हो सकी है। ऐसे में मंगलवार की तेज बारिश ने भले ही राहत दी हो, लेकिन खरीफ सीजन के लिए अभी भी लगातार अच्छी बारिश की जरूरत बनी हुई है।
एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने बदला मौसम
पिछले एक सप्ताह से जिले में कभी सुबह तो कभी रात में हल्की बूंदाबांदी हो रही थी। इससे खेतों को कोई विशेष फायदा नहीं मिला और उमस लगातार बढ़ती रही। मंगलवार को सुबह से तेज धूप और उमस का माहौल था, लेकिन शाम होते-होते अचानक काले बादल छा गए और करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। देर रात तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा।
बारिश के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 35 डिग्री था। तापमान में आई गिरावट से लोगों ने राहत महसूस की। बच्चे और युवा बारिश का आनंद लेने सड़कों पर निकल आए।
बारिश ने किसानों में जगाई उम्मीद
लगातार बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर मंगलवार की बारिश ने मुस्कान ला दी। कई क्षेत्रों में किसान अब खरीफ फसलों की बुवाई शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं किसान हरीश गौतम का कहना है कि पिछले 15 दिनों से किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे थे। हल्की बारिश से खेतों में नमी नहीं बन रही थी, लेकिन मंगलवार की बारिश के बाद अब बुवाई का काम शुरू किया जा सकेगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सोयाबीन, उड़द, मूंग और मक्का जैसी खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक है। हालांकि अच्छी पैदावार के लिए अगले 10 से 15 दिनों तक लगातार अच्छी वर्षा होना जरूरी रहेगा।
शहर में जलभराव ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
बारिश ने जहां मौसम सुहाना बनाया, वहीं शहर की व्यवस्थाओं की भी पोल खोल दी। अस्पताल रोड, पुराना बस स्टैंड, माधव कॉलोनी, उर्दा कॉलोनी, मनियर सहित कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कई जगह आधा से एक फीट तक पानी सड़कों पर बहता नजर आया, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मानसून सक्रिय रहा तो नगर पालिका को नालों और सीवर लाइन की सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा, अन्यथा जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।
बारिश के आंकड़े अब भी चिंता बढ़ा रहे
मंगलवार की अच्छी बारिश के बावजूद जिले के वर्षा आंकड़े संतोषजनक नहीं हैं। 1 जून से 8 जुलाई तक जिले में 153.07 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 456.33 मिमी बारिश हो चुकी थी। यानी इस बार 303.26 मिमी की कमी बनी हुई है।
तहसीलवार वर्षा (1 जून से 8 जुलाई तक)
पोहरी – 244 मिमी (सबसे अधिक)
नरवर – 223 मिमी
कोलारस – 179 मिमी
करैरा – 164.60 मिमी
शिवपुरी – 142.80 मिमी
बदरवास – 142.80 मिमी
पिछोर – 124 मिमी
खनियाधाना – 116 मिमी
बैराड़ – 70 मिमी (सबसे कम)
वहीं 8 जुलाई को जिले में औसतन 22.84 मिमी वर्षा दर्ज हुई। इसमें नरवर में 58 मिमी, पोहरी में 47 मिमी, करैरा में 32.40 मिमी, खनियाधाना में 30 मिमी, कोलारस में 28 मिमी, पिछोर में 19 मिमी, बदरवास में 8 मिमी, बैराड़ में 4 मिमी और शिवपुरी में 1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
अगले दो दिन तेज बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की द्रोणिका (ट्रफ लाइन) सक्रिय होने से जिले में बुधवार और गुरुवार को भी अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। यदि आगामी दिनों में भी अच्छी बारिश होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई गति पकड़ेगी और जिले में अब तक बने वर्षा घाटे की कुछ भरपाई भी हो सकेगी।

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