शिवपुरी, शिक्षक का टेलीग्राम उगल रहा है अश्लील मैसेस और संदिग्ध लिंक, यह बोले साईबर प्रभारी

vikas
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शिवपुरी।
पिछले कुछ दिनों से जिले में टेलीग्राम अकाउंट्स हैक होने की बाढ़ सी आ गई है। ताजा शिकार एक सम्मानीय शिक्षक और एक अन्य नागरिक बने हैं, जिनके अकाउंट का कंट्रोल लेकर हैकर्स उनके रिश्तेदारों और दोस्तों को अश्लील  मैसेज और संदिग्ध लिंक भेज रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जब साइबर पुलिस ने जांच की, तो हैकर की लोकेशन साउथ कोरिया ट्रेस हुई है!

ऐप डिलीट कर दिया, फिर भी भूत की तरह चल रहा टेलीग्राम
पिछोर अनुभाग के ग्राम भौंती के रहने वाले शिक्षक नीरज कुमार गुप्ता के साथ जो हुआ, वह किसी हॉरर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा है। नीरज जी के मोबाइल नंबर से चल रहे टेलीग्राम अकाउंट को किसी अज्ञात ठग ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उनके दोस्तों और परिचितों को गंदे मैसेजेस जाने लगे। बदनामी के डर से शिक्षक ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर गुहार लगाई और अपने फोन से टेलीग्राम ऐप को ही अनइंस्टॉल (डिलीट) कर दिया।

उन्हें लगा कि कहानी खत्म हो गई। लेकिन ट्विस्ट तब आया जब 2 जुलाई 2026 को दोस्तों ने फिर फोन किया—सर, आपके नंबर से अभी भी गंदे मैसेज आ रहे हैं! हैरान शिक्षक ने ऐप दोबारा इंस्टॉल किया और देखा कि अकाउंट किसी और डिवाइस पर 'लॉगिन' है और उसकी लोकेशन साउथ कोरिया दिखा रही है। हैकर्स इतने शातिर हैं कि फोन से ऐप हटाने के बाद भी उनका कब्जा बरकरार रहा।

बिना इस्तेमाल किए ही हैक हो गया सूरज का अकाउंट
दूसरा मामला सूरज तोमर का है। सूरज तो लंबे समय से टेलीग्राम का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे। लेकिन हैकर्स की नजर उनके इस 'सोए हुए' अकाउंट पर पड़ गई। सूरज के अकाउंट से भी उनके करीबियों को अश्लील मैसेज भेजे जाने लगे। जब लोगों के फोन आने शुरू हुए, तो सूरज के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने भी घबराकर ऐप डिलीट किया, लेकिन हैकर्स का खेल बंद नहीं हुआ। सूरज अब साइबर सेल के चक्कर काट रहे हैं।

डार्क वेब (Dark Web) की सातवीं लेयर का खतरनाक खेल
इस पूरे मामले पर साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र जाट ने जो खुलासा किया है, वह आंखें खोलने वाला है। उन्होंने बताया की इंटरनेट का एक बड़ा हिस्सा और उसकी लाइनें समुद्र के नीचे बिछी हुई हैं। टेलीग्राम का एक सिरा डार्क वेब पर काम करता है—यानी इंटरनेट की वो छठवीं और सातवीं लेयर, जहां आम इंसान कभी नहीं जाता। इस अंधेरी दुनिया का इस्तेमाल आतंकवादी, स्मगलर और इंटरनेशनल ठग करते हैं। हैकर्स उन टेलीग्राम अकाउंट्स को निशाना बना रहे हैं जो लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं। एक बार किसी भी बहाने से ओटीपी (OTP) हाथ लगते ही वे अकाउंट को अपनी डिवाइस पर 'हमेशा के लिए' एक्टिव कर लेते हैं।

सिर्फ ऐप डिलीट करने से क्यों कुछ नहीं होता
आम लोग सोचते हैं कि मोबाइल से ऐप डिलीट कर दिया, तो सब ठीक हो गया। लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हैकर आपके नंबर का 'लॉगिन सेशन' अपनी डिवाइस (जैसे कंप्यूटर या दूसरे फोन) पर एक्टिव कर लेता है। एक बार सेशन एक्टिव होने के बाद हैकर को दोबारा ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती। आप भले ही अपने फोन से ऐप हटा दें, हैकर दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर आपका अकाउंट चलाता रहेगा।

डिजिटल सुरक्षा कवच: क्या करें और क्या न करें
एक्टिव सेशन बंद करें:अपने टेलीग्राम की Settings > Devices > Active Sessions में जाएं। वहां यदि आपके फोन के अलावा कोई भी दूसरी अनजान डिवाइस या विदेशी लोकेशन दिखे, तो तुरंत Terminate All Other Sessions' पर क्लिक कर उसे डिलीट करें।

टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA): टेलीग्राम की Settings > Privacy and Security* में जाकर 'Two-Step Verification' ऑन करें और एक मजबूत पासवर्ड सेट करें। इसके बाद ओटीपी मिलने पर भी कोई आपका अकाउंट हैक नहीं कर पाएगा।

तुरंत रिपोर्ट करें: अगर फ्रॉड हो जाए, तो बिना डरे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में लिखित शिकायत दें।

अपनों को बचाएं: अपने दोस्तों को तुरंत दूसरे माध्यम (जैसे कॉल या व्हाट्सएप) से बताएं कि आपका अकाउंट हैक हो गया है, इसलिए कोई भी लिंक न खोलें।

गलती से भी ये न करें (Don'ts)
OTP शेयर न करें: किसी भी अनजान कॉल, लॉटरी या दोस्त के नाम पर आए मैसेज के झांसे में आकर अपना ओटीपी किसी को न दें। टेलीग्राम कभी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता।

संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें:आपके नाम से आए किसी भी अश्लील लिंक या फाइल को न खोलें, यह आपके बैंक अकाउंट को खाली करने का जाल हो सकता है।

पैसे न भेजें:हैकर अगर बदनामी का डर दिखाकर या ब्लैकमेल करके पैसे मांगे, तो घबराकर उसे एक भी रुपया न भेजें, बल्कि पुलिस से संपर्क करें।

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