शिवपुरी। मानसून ने शिवपुरी जिले में दस्तक तो दे दी है, लेकिन उसकी मेहरबानी पूरे जिले पर एक जैसी नहीं दिख रही। जिले की पांच विधानसभा क्षेत्रों में से तीन विधानसभा-पिछोर, खनियाधाना और पोहरी (बैराड़ क्षेत्र) में इंद्रदेव अब भी रूठे नजर आ रहे हैं। इन इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेत सूने पड़े हैं और किसान बोवनी को लेकर गहरी चिंता में हैं। वहीं शिवपुरी और कोलारस में अच्छी बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली है और कई जगह बोवनी का काम भी शुरू हो गया है।
पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 21.04 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सबसे अधिक 67.20 मिमी बारिश शिवपुरी शहर में रिकॉर्ड की गई। रविवार को दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश ने मौसम को सुहाना तो बना दिया, लेकिन जिले के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में यह बारिश खेती के लिए अभी भी नाकाफी मानी जा रही है।
पिछोर सबसे पीछे, किसान कर रहे बादलों का इंतजार
बारिश के आंकड़े किसानों की चिंता साफ बयां कर रहे हैं। कोलारस में 49 मिमी, नरवर में 42 मिमी और करैरा में 20.20 मिमी बारिश दर्ज हुई, लेकिन खनियाधाना में केवल 5 मिमी,बैराड़ में 4 मिमी और बदरवास में 2 मिमी बारिश हुई। सबसे चिंताजनक स्थिति पिछोर की है, जहां पिछले 24 घंटे में महज 2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अब तक जिले में कुल 58.38 मिमी बारिश हो चुकी है, लेकिन बोवनी के लिए आवश्यक वर्षा केवल शिवपुरी और कोलारस क्षेत्र में ही मानी जा रही है। जिले की अधिकांश तहसीलों में अभी भी 100 मिमी से कम बारिश हुई है। पिछोर में अब तक सिर्फ 2 मिमी और खनियाधाना में मात्र 18 मिमी बारिश होने से किसान खेत तैयार करने के बावजूद बीज डालने का जोखिम नहीं उठा पा रहे हैं।
बोवनी टली तो बढ़ सकती है परेशानी
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बोवनी प्रभावित हो सकती है। सोयाबीन, उड़द, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुआई का यही उपयुक्त समय है। बारिश में लगातार देरी होने से किसानों की लागत बढ़ने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ रही है।
2 जुलाई तक राहत की उम्मीद, यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश से गुजर रही ट्रफ लाइन के प्रभाव से जिले में मौसम बदला हुआ है। 2 जुलाई तक बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। यदि अगले दो-तीन दिनों में अच्छी बारिश होती है तो पिछड़े इलाकों के किसानों को राहत मिल सकती है।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
रविवार को हुई बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। शहर का अधिकतम तापमान 24 घंटे में 1.5 डिग्री सेल्सियस गिरकर 35.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस था। मौसम में आई ठंडक से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन किसानों की नजर अब भी आसमान पर टिकी हुई है।
फिलहाल स्थिति यही है कि शिवपुरी जिले में मानसून की चाल असमान बनी हुई है। कहीं खेतों में ट्रैक्टर उतर चुके हैं तो कहीं किसान बादलों की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। आने वाले तीन-चार दिन यह तय करेंगे कि खरीफ सीजन किसानों के लिए राहत लेकर आएगा या चिंता बढ़ाएगा।

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